पंजाब में 8 नगर निगम समेत 104 निकायों के चुनाव नतीजों में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) ने विरोधियों को 2027 को ट्रेलर दिखा दिया है। 1977 वार्डों के लिए हुए चुनाव में AAP 800 वार्डों में जीत चुकी है। कांग्रेस हो चाहे अकाली दल या फिर BJP, तीनों पार्ट
AAP इस जीत से खुश जरूर है लेकिन सत्ता में रहते वह उतनी बड़ी जीत हासिल नहीं कर पाए, जितनी 2021 में सरकार रहते कांग्रेस ने हासिल की थी। कांग्रेस ने तब 1199 वार्ड जीत लिए थे। हालांकि इसमें रोचक बात ये है कि इसके अगले ही साल यानी 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई।
कांग्रेस 117 में से सिर्फ 18 सीटें जीत पाई और AAP 92 सीटें जीतकर पहली बार सत्ता में आ गई। भाजपा ने इन्हीं निकायों में 2021 में 38 के मुकाबले 133 वार्ड जीत लिए लेकिन अभी पंजाब की सत्ता के मुकाबले में नजर नहीं आ रही।
निकाय चुनाव नतीजों में क्या AAP के प्रति एंटी इनकम्बेंसी नहीं दिखी, कांग्रेस 2027 में नंबर टू की लड़ाई की पोजिशन में है, अकाली दल कमबैक करता नजर आया या फिर BJP बंगाल के बाद वाकई पंजाब में सरकार बना सकती है, इस बारे में दैनिक भास्कर ने पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स से बात की, उन्होंने क्या कहा, ये जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट…
कांग्रेस निगम जीती लेकिन विधानसभा में हार गई, AAP को बेफिक्र नहीं होना चाहिए पॉलिटिकल एक्सपर्ट व सीनियर जर्नलिस्ट प्रमोद बातिश कहते हैं- AAP के ये जीत बड़ी जरूर है लेकिन कांग्रेस जैसी नहीं। ऐसे में 2027 का विधानसभा चुनाव की राह AAP के लिए आसान नहीं है।
2021 में जिन 8 नगर निगमों में चुनाव हुए, सभी कांग्रेस ने जीते और अपने मेयर बनाए। ये निगम 8 विधानसभा सीटों में थे। तब एक साल बाद 2022 में विधानसभा चुनाव हुए तो कांग्रेस इसमें से सिर्फ दो सीटें जीती और आम आदमी पार्टी ने पांच व भाजपा ने एक सीट जीती। ऐसे में AAP बेफिक्र होकर नहीं बैठ सकती कि निगम जीत गए तो विधानसभा चुनाव भी जीत जाएंगे।
सत्ताधारी पार्टी जीतती है लेकिन विधानसभा में मुद्दे बड़े होंगे पॉलिटिकल एक्सपर्ट इंजी. पवनदीप शर्मा कहते हैं- AAP की जीत से आपको चौंकना नहीं चाहिए। यह ट्रेंड ही होता है कि जो पार्टी सत्ता में रहती है, निकाय चुनाव वही जीतती है। यह भी देखना चाहिए कि इस बार करीब 250 निर्दलीय जीते हैं और AAP वहां हारी है, ऐसे में स्पष्ट है कि लोगों ने लोकल लेवल पर उम्मीदवार देख वोट दिए।
वोटर का मन टटोलें तो निकाय और विधानसभा चुनाव में बहुत अंतर होता है। अभी चुनाव सफाई, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट जैसे मुद्दों पर हुआ। जब विधानसभा चुनाव होंगे तो इन लोकल मुद्दों की जगह रोजगार, लॉ एंड ऑर्डर, ड्रग्स, बेअदबी जैसे बड़े मुद्दे होंगे और एंटी इनकम्बेंसी का नैरेटिव भी होगा। वहां AAP की असली परीक्षा होगी।
BJP शहरों से भी टूटी, अकाली दल की स्थिति नहीं सुधरी पॉलिटिकल एक्सपर्ट पूर्व VC डॉ. किरपाल सिंह औलख कहते हैं- चुनाव दर चुनाव गठबंधन टूटना अकाली दल और BJP के लिए नुकसानदेह साबित होता जा रहा है। अकाली दल तीसरे नंबर पर रहा, ऐसे में 2027 के लिए वह मुख्य विरोधी नहीं बन पाया, हालांकि रुरल एरिया में कुछ वार्डों में जीत से उसका पंथक वोट बैंक भी कुछ हद तक नजर आता है। अभी दूसरे नंबर पर रही कांग्रेस ही इस भूमिका में नजर आती है।
बंगाल के बाद पंजाब जीत की बात करने वाली भाजपा को भी झटका लगा है। भाजपा ने ग्रामीण इलाकों में जरूर घुसना चाहा लेकिन असली लड़ाई शहरी हिंदू और व्यापारी वर्ग के भरोसे लड़ी। फिर भी 8 नगर निगमों में भाजपा के चौथे नंबर की पार्टी बन गई। इन चुनावों से तो क्लियर है कि भाजपा का शहरी कोर वोट भी खिसक गया। 2027 में फाइट के लिए बहुत मेहनत करनी होगी।
AAP के जीत के 3 बड़े मायने
- कैडर का जमीनी विस्तार: पूर्व वीसी डॉ. किरपाल सिंह औलख कहते हैं- कांग्रेस के पंजाब प्रधान राजा वड़िंग के गढ़ गिद्दड़बाहा और कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा के गृह क्षेत्र धारीवाल में ‘आप’ ने एकतरफा वार्ड जीते। इसका मतलब है कि ‘आप’ ने ग्राउंड लेवल पर अपना कैडर तैयार कर दिया है।
- छोटे शहरों में भी आप मजबूत: डॉ. औलख का कहना है कि नगर पंचायतों व नगर कौंसिलों में आम आदमी पार्टी को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। इसका मतलब यह है कि छोटे शहरों में भी आप ने खुद को मजबूत कर दिया है। AAP इस मोमेंटम को 2027 तक बरकरार रख पाई तो फिर विधानसभा चुनाव में कामयाबी पा सकती है।
- विधायकों को बूस्टर डोज: डॉ. औलख का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान पंजाब में आप का ग्राफ नीचे आ गया था। 13 में से वह सिर्फ 3 सीटें ही जीत पाई थी। उसके बाद आप विधायकों के कामकाज पर सवाल खड़े होने लगे। अब चुनाव से ठीक पहले अर्बन और सेमीअर्बन क्षेत्रों में जीत से पार्टी व विधायकों के लिए यह बूस्टर डोज से कम नहीं।
******************** चुनाव नतीजों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…
पंजाब निकाय चुनाव नतीजे: AAP का दबदबा; कपूरथला में कांग्रेस को बहुमत; BJP पिछड़ी

पंजाब में 8 नगर निगमों, 75 नगर कौंसिलों और 20 नगर पंचायतों के चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) का दबदबा दिखा है। सुबह 8 बजे से हो रही मतगणना में 834 वार्डों में AAP जीत चुकी है।
कांग्रेस दूसरे और आजाद उम्मीदवार तीसरे नंबर पर हैं। हालांकि कांग्रेस ने कपूरथला नगर निगम में दबदबा दिखाते हुए बहुमत हासिल कर लिया है। कांग्रेस ने 50 वार्डों में से 31 में जीत हासिल की है।
बंगाल के बाद 2027 में पंजाब को जीतने की बारी की बात कहने वाली भाजपा सबसे पीछे है। कमबैक के दावे वाला अकाली दल भी चौथे नंबर पर है। 26 मई को निकाय चुनाव के लिए वोटिंग हुई थी (पढ़ें पूरी खबर)
पंजाब चुनाव नतीजे: CM भगवंत मान के हलके में AAP की बड़ी जीत, राजा वड़िंग को झटका

पंजाब में 104 निकाय चुनाव की मतगणना जारी है। ये चुनाव पार्टी लेवल पर ही नहीं बल्कि नेताओं के लिए भी इज्जत का सवाल बना हुआ था। जिन नेताओं की साख दांव पर लगी थी, उनमें CM भगवंत मान के अलावा पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग, पूर्व CM चरणजीत चन्नी और पंजाब AAP के प्रधान अमन अरोड़ा तक शामिल थे। इस रिपोर्ट में जानिए, दिग्गजों के गढ़ में कैसा रहा रिजल्ट:-
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