- कॉपी लिंक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान जंग को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहे तो पूरे ईरान को एक ही रात में खत्म कर सकता है।अगर जरूरत पड़ी, तो यह कार्रवाई कल रात भी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि अभी युद्ध अमेरिका के मुताबिक चल रहा है और अमेरिकी सेना के पास इतनी ताकत है कि वह बहुत कम समय में बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है।
ट्रम्प ने ईरान में फंसे अपने पायलटों को बचाने वाले सैन्य ऑपरेशन की जमकर तारीफ की है। उन्होंने इस मिशन को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह अमेरिकी सेना की बड़ी कामयाबी है।
ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने खुद सेना को आदेश दिया था कि किसी भी कीमत पर अपने सैनिकों को सुरक्षित वापस लाया जाए। उन्होंने अमेरिकी सैनिकों को बहादुर बताते हुए कहा कि देश अपने जवानों को कभी पीछे नहीं छोड़ता।
ट्रम्प की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 5 बड़ी बातें…
- ईरान को धमकी- अमेरिका चाहे तो पूरे ईरान को एक ही रात में खत्म कर सकता है। अगर जरूरत पड़ी, तो यह कार्रवाई कल रात भी हो सकती है। अभी युद्ध अमेरिका के मुताबिक चल रहा है।
- रेस्क्यू ऑपरेशन- ईरान में फंसे सैनिक को बचाने के लिए अमेरिका ने 155 सैन्य विमानों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था। इसमें फाइटर जेट, बॉम्बर्स और रेस्क्यू प्लेन शामिल थे।
- ईरान में हजारों हमले किए- अब तक अमेरिका ने ईरान के 13,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया है और पिछले 37 दिनों में 10,000 से ज्यादा बार लड़ाकू उड़ानें भरी है।
- खबर लीक करने वाले को धमकी- जो इंसान ने मीडिया में ईरान को दूसरे पायलट के बारे में खबर लीक की है, उसे ढूंढा जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो मीडिया कंपनी पर भी कार्रवाई हो सकती है।
- अमेरिकी विमान गिरने की बात मानी- ट्रम्प ने माना कि ईरान ने एक अमेरिकी F-15 विमान गिराया था, लेकिन उन्होंने कहा कि यह दुश्मन की किस्मत थी यानी ये सिर्फ एक लकी हिट थी।

ट्रम्प के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैन केन और CIA डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ भी मौजूद थे।
ट्रम्प ने अमेरिकी सैनिक के रेस्क्यू मिशन की कहानी बताई
ट्रम्प ने ईरान में फंसे अमेरिकी सैनिक के रेस्क्यू की पूरी कहानी बताई। उन्होंने बताया कि जब F-15E फाइटर जेट गिराया गया, तो उसमें मौजूद अधिकारी पैराशूट से नीचे उतरा और गंभीर हालत में भी खुद को बचाने की कोशिश करता रहा।
ट्रम्प के मुताबिक, उस अधिकारी के चेहरे से काफी खून बह रहा था, लेकिन फिर भी उसने हिम्मत नहीं हारी। उसने अपने ट्रेनिंग के अनुसार खतरनाक पहाड़ी इलाके में ऊपर की ओर चढ़ना शुरू किया, ताकि दुश्मन से बच सके और पकड़ा न जाए।
उस सैनिक ने खुद ही अपने घावों का इलाज किया और फिर अमेरिकी सेना से संपर्क कर अपनी लोकेशन बताई। इसके बाद उसे बचाने के लिए बड़ा ऑपरेशन शुरू किया गया।
ट्रम्प ने कहा कि इस रेस्क्यू मिशन में कुल 155 विमान लगाए गए थे, जिनमें बमवर्षक, फाइटर जेट, ईंधन भरने वाले टैंकर और रेस्क्यू एयरक्राफ्ट शामिल थे। यह एक बहुत बड़ा और जटिल ऑपरेशन था।
उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका ने एक चाल (डिसेप्शन ऑपरेशन) भी चली, ताकि ईरान को भटकाया जा सके और असली लोकेशन छिपी रहे। ट्रम्प ने कहा कि जानबूझकर अलग-अलग जगहों पर गतिविधि दिखाई गई, ताकि दुश्मन कंफ्यूज हो जाए। रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़ी पूरी खबर पढ़ें…
लाइव अपडेट्स
अभी
- कॉपी लिंक
ट्रम्प बोले- जंग में पहली बार दुश्मन ने अमेरिकी विमान गिराया
ट्रम्प ने उस घटना का भी जिक्र किया, जब पिछले हफ्ते ईरान ने एक अमेरिकी F-15 फाइटर जेट को मार गिराया था। ट्रम्प ने कहा कि यह पूरे ऑपरेशन में पहली बार हुआ कि दुश्मन ने कोई पायलट वाला अमेरिकी विमान गिराया।
लेकिन उन्होंने इसे ज्यादा बड़ी बात नहीं मानते हुए कहा कि दुश्मन को बस एक किस्मत वाला मौका मिल गया था, यानी एक तरह से लकी हिट थी।

ईरान ने शनिवार को अमेरिकी विमान के मलबे की तस्वीर भी जारी की थी।
1 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
होर्मजु स्ट्रेट खोलने की डेडलाइन खत्म
ट्रम्प ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए दी गई मंगलवार की डेडलाइन अब आखिरी है और इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। ईरान को तय समय के अंदर फैसला लेना ही होगा।
ट्रम्प ने मीडिया से कहा कि अगर ईरान समझौता नहीं करता, तो उसे बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। अगर ईरान अमेरिका की शर्तें मान ले, तो युद्ध जल्दी खत्म हो सकता है।

Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
