ईरान और अमेरिका के बीच जल्द ही दूसरे दौर की शांति वार्ता होने की उम्मीद है। ईरान का कहना है कि अमेरिका के साथ बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन अंतिम समझौता होने में अभी काफी समय लगेगा। चूंकि बुधवार को दो हफ्ते का युद्धविराम खत्म हो रहा है, इसलिए दोनों पक्षों पर समझौते का दबाव है।
ईरान का दावा, अमेरिका ने हमारी मांगें मानीं
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ ने स्पष्ट किया कि अभी कई बुनियादी मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है। उन्होंने दावा किया कि हालिया युद्ध के दौरान ईरान का पलड़ा भारी रहा है। गालिबफ के अनुसार, अमेरिका ने युद्धविराम केवल इसलिए स्वीकार किया क्योंकि उन्होंने ईरान की शर्तें मान ली थीं।
इसे भी पढ़ें: Strait Of Hormuz में गोलियों की गूंज! जहाजों पर फायरिंग, भारतीय सुपरटैंकर भी शामिल
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण
गालिबफ ने जोर देकर कहा कि अमेरिका अपने लक्ष्य पूरे करने में नाकाम रहा है। उन्होंने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का पूरा नियंत्रण है। उनके मुताबिक, बातचीत करना संघर्ष का ही एक तरीका है ताकि ईरान अपने अधिकारों को मजबूती से रख सके।
इसे भी पढ़ें: सीजफायर खत्म होते ही कुछ बड़ा होगा, 4 चीनी विमान ईरान में लैंड, बड़ा खुलासा!
वार्ता की अभी कोई तारीख तय नहीं
पिछले दिनों इस्लामाबाद में गालिबफ और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की मुलाकात हुई थी, जो 1979 के बाद से दोनों देशों के बीच अब तक का सबसे उच्च-स्तरीय संपर्क था। हालांकि, इस महत्वपूर्ण बैठक के बावजूद अभी तक बातचीत के अगले दौर के लिए कोई तारीख तय नहीं की गई है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.