UPSC IAS Success Story: बिहार के पटना निवासी उज्जवल प्रियांक ने बिना कोचिंग घर से पढ़ाई कर UPSC 2025 में AIR 10 हासिल की। असफलता के बाद मां की प्रेरणा और अपनी कड़ी मेहनत से वे IAS बने।
शुरुआती सफर और 12वीं में 96% अंक
उज्जवल का शुरुआती जीवन पटना में बीता। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा ज्ञानिकेतन स्कूल से पूरी की है। पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उनके पिता परिवार से अलग रहते थे, इसलिए उज्जवल की पूरी दुनिया उनकी मां के इर्द-गिर्द ही सिमटी रही। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उनकी मां ने कभी बेटे की पढ़ाई में कमी नहीं आने दी।
उज्जवल प्रियांक पटना के ज्ञान निकेतन स्कूल से वर्ष 2016 में 10वीं और पटना के ही संत माइकल स्कूल से वर्ष 2018 में 12वीं की परीक्षा 96% अंक के साथ उतीर्ण करने के बाद जयपुर के जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी से बीटेक करने के बाद 6 माह तक इसरो में इंटनेशीप की थी।
दिल्ली जाने के बजाय पटना में रहकर की सेल्फ-स्टडी
इंजीनियरिंग के बाद उज्जवल ने देश और समाज की सेवा करने का लक्ष्य बनाया। उन्होंने UPSC की तैयारी के लिए दिल्ली जैसे बड़े कोचिंग हब जाने के बजाय अपने शहर पटना में ही रहकर पढ़ाई करने का फैसला किया। बिना किसी भारी-भरकम कोचिंग के उन्होंने अपने घर से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की। उन्होंने यूट्यूब, ऑनलाइन टेस्ट सीरीज और किताबों के माध्यम से अपने बेसिक्स मजबूत किए। उन्होंने पढ़ाई में भटकाव से बचने के लिए अपने कंटेंट को सीमित रखा और रिविजन पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया।
‘तुम रो क्यों नहीं रहे?’— मां के शब्द बने टर्निंग प्वाइंट
सफलता का रास्ता इतना आसान नहीं था। अपने शुरुआती प्रयासों में उज्जवल को झटके भी लगे। एक बार वे इंटरव्यू तक पहुंचे लेकिन फाइनल लिस्ट में नाम नहीं आया, वहीं अगले प्रयास में प्रीलिम्स परीक्षा ही क्लियर नहीं हो पाई। इस असफलता से वे अंदर से काफी टूट चुके थे। तभी उनकी मां ने उनसे एक ऐसा सवाल पूछा जिसने उनके सोचने का जरिया ही बदल दिया। मां ने उनसे बड़े प्यार से पूछा— “तुम रो क्यों नहीं रहे?” मां के इस सीधे सवाल ने उज्जवल के दिल को छू लिया। उन्हें अहसास हुआ कि उनके अंदर का दर्द बाहर निकलने का इंतजार कर रहा था। मां के इस अटूट विश्वास ने उन्हें हार मानने के बजाय दोगुनी ताकत और मेहनत के साथ मैदान में उतरने की प्रेरणा दी।
सपना हुआ सच, AIR 10 लाकर बने IAS
मां की प्रेरणा और अपनी दिन-रात की मेहनत के बल पर उज्जवल फिर से पूरी तैयारी में जुट गए। आखिरकार UPSC CSE 2025 में उन्होंने पूरे देश में 10वीं रैंक (AIR 10) हासिल कर अपना और अपनी मां का सपना पूरा कर दिखाया। उज्जवल की यह सफलता प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों को यह संदेश देती है कि यदि आपके पास सही रणनीति, अनुशासन और अपनों का साथ हो, तो बिना बड़ी कोचिंग के भी घर बैठे देश की सबसे बड़ी परीक्षा में टॉप किया जा सकता है।
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