भारतीय जहाजों पर हमले पर सरकार का कड़ा रुख
शनिवार को ‘जग अर्नव’ और ‘सनमार हेराल्ड’ नामक दो भारतीय टैंकरों पर ईरान की नौसेना द्वारा गोलीबारी की गई। ये जहाज इराक से तेल लेकर आ रहे थे। इस गंभीर घटना पर भारत ने तत्काल और कड़ी प्रतिक्रिया दी।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में ईरानी राजदूत डॉ. मोहम्मद फथली को तलब किया और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदेश सचिव ने स्पष्ट किया कि भारत व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने ईरान से आग्रह किया कि वह इस जलमार्ग से भारतीय जहाजों की आवाजाही को फिर से सुरक्षित और सामान्य बनाने के लिए कदम उठाए।
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ऐतिहासिक-रणनीतिक संबंध
ईरानी राजदूत ने दोहराया कि ईरान और भारत के सांस्कृतिक, सभ्यतागत और शैक्षिक संबंध बहुत गहरे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली और तेहरान के बीच आपसी बातचीत भी बहुत सफल रही है, जिससे दोनों देशों को लाभ मिलता है।
राजदूत ने यह भी संकेत दिया कि वे भारत की चिंताओं को अपनी सरकार तक पहुंचाएंगे, ताकि भविष्य में शांतिपूर्ण और सुरक्षित समुद्री आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।
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