शरण कांबले ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर एक के बाद एक बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। उन्होंने बैक टू बैक यूपीएससी एग्जाम सफलता हासिल की। साल 2019 में उन्होंने UPSC CAPF परीक्षा में 8वीं रैंक हासिल की।
कौन हैं आईपीएस अफसर शरण कांबले
राजस्थान कैडर के आईपीएस अधिकारी शरण कांबले महाराष्ट्र के सोलापुर के रहने वाले हैं। उनके माता-पिता मजदूरी करने के साथ-साथ सब्जियां बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। हालांकि आर्थिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने कभी अपने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। मुश्किल हालात में भी वे अपने बेटे की पढ़ाई में निवेश करने से पीछे नहीं हटे।
शरण कांबले का एजुकेशन क्वालिफिकेशन
शरण कांबले की पढ़ाई की बात करें, तो उनकी शुरुआती पढ़ाई गांव के एक सरकारी स्कूल से हुई। लेकिन 10वीं क्लास के बाद पढ़ाई करने के लिए उन्हें कड़ी मेहनत करनी पड़ी। एनबीटी में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक शरण का स्कूल गांव से करीब 12 किलोमीटर था। ऐसे में वो रोजाना गांव से इतनी ही दूर पैदल चलकर स्कूल जाते थे। इतना ही नहीं, घर में बिजली भी नहीं थी, इसलिए वो लालटेन की रोशनी में पढ़ाई करते थे।
पढ़ाई में स्कॉलरशिप ने काफी की मदद
शरण कांबेल पढ़ाई में काफी तेज थे। यही वजह था कि उन्होंने सांगली के वालचंद कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से BTech पूरा किया। इसके बाद वो देश के प्रतिष्ठित संस्थान IISc से पोस्टग्रेजुएट की पढ़ाई की। उनकी पढ़ाई में सबसे महाराष्ट्र सरकार की एक स्कॉलरशिप योजना भी काम आई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आठ महीने के लिए 12000 रुपये प्रति महीना मिलने वाली स्कॉलरशिप ने उनकी काफी मदद की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली आकर यूपीएससी की तैयारी में जुट गए।
20 लाख की नौकरी ठुकराई
इंजीनियरिंग के बाद शरण कांबले को एक कंपनी ने 20 लाख रुपये का सालाना पैकेज ऑफर किया। लेकिन उन्होंने ठान लिया था कि उन्हें सिविल सर्विसेस में जाना जाना है। इसलिए उन्होंने 20 लाख का पैकेज ठुकरा दिया। कुछ समय बाद उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने यूपीएससी एग्जाम क्रैक किया।
बैक-टू-बैक यूपीएससी एग्जाम क्रैक कर बने IPS
शरण कांबले ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर एक के बाद एक बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। उन्होंने बैक टू बैक यूपीएससी एग्जाम सफलता हासिल की। साल 2019 में उन्होंने UPSC CAPF परीक्षा में 8वीं रैंक हासिल की। इसके बाद 2020 में उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा AIR 542 के साथ पास की और उनका चयन IPS के लिए हुआ। लेकिन शरण कांबले की मंजिल अभी बाकी थी। उन्होंने 2021 में एक बार फिर UPSC परीक्षा दी और इस बार ऑल इंडिया रैंक 127 हासिल की। इस प्रयास में उनका चयन IFS कैडर के लिए हुआ। हालांकि, उन्होंने अपने लक्ष्य को प्राथमिकता देते हुए IPS के रूप में ही सेवा जारी रखने का फैसला किया। शरण कांबले की यह पूरी जर्नी बताती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत में निरंतरता बनी रहे, तो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सफलता हासिल की जा सकती है। इस तरह वो आज हजारों-लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत बने।
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