गुलवीर सिंह ने एशियाई खेलों में अपना दूसरा रजत पदक जीता जबकि लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर और भाला फेंक खिलाड़ी यशवीर सिंह भी अपनी-अपनी स्पर्धाओं में दूसरे स्थान पर रहे जिससे भारत ने सोमवार को यहां एथलेटिक्स में छह पदक जीते। विथ्या रामराज ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक जीता। यह इस स्पर्धा में पिछले एशियाई खेलों के कांस्य पदक के बाद उनका लगातार दूसरा पदक है।
उन्होंने इस दौरान महान धाविका पीटी उषा का 42 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ा। रोहित यादव ने पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर अपना पहला बड़ा पदक हासिल किया और भारत को इस स्पर्धा में रजत-कांस्य की सफलता दिलाई। पारुल चौधरी महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में अपने स्वर्ण पदक का बचाव नहीं कर सकीं और मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
स्टेडियम में लगातार तीसरे दिन बारिश के कारण परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण रहीं। भारत के लिए यह एथलेटिक्स में एक दिन में रिकॉर्ड पदक रहे लेकिन प्रतियोगिता में अब केवल एक दिन शेष रहने के बावजूद स्वर्ण पदक का इंतजार जारी है। श्रीशंकर के लिए हालांकि दिन निराशाजनक भी रहा।
पिछले चरण में भी रजत पदक जीतने वाले श्रीशंकर को चौथे प्रयास में टखने में चोट लग गई जिसके कारण उन्होंने अपने अंतिम दो प्रयास नहीं किए। हालांकि उनका दूसरे प्रयास में 8.07 मीटर का प्रदर्शन उन्हें रजत पदक दिलाने के लिए पर्याप्त रहा। गुलवीर ने पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ के फाइनल में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता।
मौजूदा एशियाई खेलों में 10 हजार मीटर में पहले ही रजत पदक जीत चुके गुलवीर जापान के स्वर्ण पदक विजेता काजुतो ईजावा के बाद दूसरे स्थान पर रहे। काजुतो ने तीन मिनट 36.35 सेकेंड का खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। उनके हमवतन नागिया मोरी ने तीन मिनट 37.92 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
उत्तर प्रदेश के 28 वर्षीय धावक गुलवीर ने कहा, ‘‘यह मेरे करियर का बहुत महत्वपूर्ण पदक है। मुझे जितनी भी स्पर्धाओं में दौड़ना पड़े मुझे कोई परेशानी नहीं है और मैं उनमें पदक जीतना चाहता हूं। मैं अंत में अपनी गति बरकरार नहीं रख सका क्योंकि मैं आमतौर पर लंबी दूरी का धावक हूं और मुख्य रूप से 5000 मीटर और 10000 मीटर में दौड़ता हूं।’’
एक अन्य भारतीय यूनुस शाह तीन मिनट 43.88 सेकेंड के समय के साथ नौवें स्थान पर रहे।
पुरुष भाला फेंक में हरियाणा के 24 वर्षीय यशवीर ने अपने छठे और अंतिम प्रयास में 85.72 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए हमवतन रोहित को पीछे छोड़कर रजत पदक अपने नाम किया। उत्तर प्रदेश के 25 वर्षीय रोहित ने 84.35 मीटर की दूरी तक भाला फेंककर कांस्य पदक जीता। श्रीलंका के स्टार खिलाड़ी रुमेश पथिरागे ने 88.33 मीटर के प्रयास के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया।
यशवीर ने बाद में कहा, ‘‘परिस्थितियां काफी मुश्किल थी। दौड़ने का स्थान गीला था और लगातार बूंदाबांदी हो रही थी। मुझे सही पकड़ नहीं मिल पा रही थी और रन अप थोड़ा फिसलन भरा था।
चोट लगने का डर रहता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहा इसलिए खुश हूं।’’
यशवीर को स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा के चोट के कारण एशियाई खेलों से हटने के बाद उनकी जगह टीम में शामिल किया गया था। मौजूदा एशियाई खेलों में भारतीय एथलीटों ने अब तक कुल 19 पदक जीते हैं। मौजूदा ओलंपिक चैंपियन पाकिस्तान के अरशद नदीम ने 80.29 मीटर का सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया लेकिन वह चौथे स्थान पर रहे।
इससे पहले पारुल चौधरी ने महिलाओं की 5000 मीटर फाइनल में कांस्य पदक जीता। उनसे पहले लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों के 1500 मीटर फाइनल में तीन मिनट 36.72 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता था। विथ्या रामराज ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया।
पारुल एशियाई खेलों में अपने स्वर्ण पदक का बचाव नहीं कर सकीं। उत्तर प्रदेश की 31 वर्षीय पारुल ने 15 मिनट 14.61 सेकेंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। बहरीन की विनफ्रेड यावी ने 15 मिनट 10.18 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जबकि जापान की नोजोमी तनाका ने 15 मिनट 11.65 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक जीता।
वर्ष 2023 में हांगझोउ में स्वर्ण पदक जीतने वाली पारुल का मौजूदा एशियाई खेलों में यह दूसरा पदक है। उन्होंने रविवार को महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीता था। महिलाओं की 10 हजार मीटर में कांस्य पदक जीतने वाली सीमा 15 मिनट सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं।
विथ्या रामराज ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक जीता लेकिन लंबी दूरी के धावक अविनाश साबले पुरुष 3000 मीटर स्टीपलचेज फाइनल में अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने में नाकाम रहते हुए चौथे स्थान पर रहे। विथ्या ने 54.75 सेकेंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीता और महान धाविका पीटी उषा के चार दशक से अधिक पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ दिया। उनका मौजूदा खेलों में यह दूसरा पदक है।
वह इससे पहले चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थीं। कोयंबटूर की 28 वर्षीय विथ्या संयुक्त अरब अमीरात की मरियम करीम और कजाखस्तान की एडेलिना जेम्स के बाद तीसरे स्थान पर रहीं। मरियम ने 54.31 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि एडेलिना ने 54.58 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ रजत पदक हासिल किया।
विथ्या ने उषा के 1984 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में बनाए 55.42 सेकेंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। उषा वर्तमान में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष हैं और एशियाई खेलों के लिए यहां मौजूद हैं। विथ्या ने स्पर्धा के बाद कहा, ‘‘पदक हमारे हाथ में है लेकिन समय हमारे हाथ में नहीं होता।
यह दौड़ ना तो कल होगी और ना ही बीते कल हुई थी। आज हमारा दिन था इसलिए मेरा ध्यान पदक पर नहीं बल्कि समय पर था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे कोच ने कहा था कि हम 54 सेकेंड का समय निकालेंगे। मैंने ऐसा किया और मैं बहुत खुश हूं।
समय इतना अच्छा रहा इसलिए मैं बेहद खुश हूं।’’
विथ्या ने कहा, ‘‘हर कोई मेरे से इस बारे में पूछ रहा था क्योंकि मैं तीन साल से 55 सेकेंड से कम का समय नहीं निकाल पाई थी। मेरे कोच नेहपाल सिंह राठौड़ ने मुझे तेज शुरुआत करने और छठी बाधा तक अपनी गति बनाए रखने को कहा था। छठी बाधा से फिनिश लाइन तक मैंने पूरी ताकत लगा दी।’’
इसी स्पर्धा में भारत की अनु राघवन पांचवें स्थान पर रहीं।
उन्होंने 55.88 सेकेंड का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। चोटों से जूझने वाले साबले ने इसके बाद अपना सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया लेकिन अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने में नाकाम रहे। वह पुरुष 3000 मीटर स्टीपलचेज फाइनल में चौथे स्थान पर रहे।
महाराष्ट्र के 32 साल के दो बार के ओलंपियन साबले ने आठ मिनट 21.67 सेकेंड का समय निकाला। वह स्वर्ण पदक विजेता जापान के रयूजी मियुरा से 4.31 सेकेंड पीछे रहे। मियुरा ने आठ मिनट 17.36 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
मियुरा के हमवतन रयोमा आओकी ने आठ मिनट 17.60 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ रजत पदक जीता जबकि कतर के जकारिया अलहलामी ने आठ मिनट 18.13 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया। पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में संतोष कुमार तमिलारासन ने 49.95 सेकेंड का समय निकालकर आठ खिलाड़ियों के फाइनल में सातवां स्थान हासिल किया। इससे पहले राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता सीमा कालीरमण ने महिलाओं के चक्का फेंक के फाइनल में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया लेकिन चौथे स्थान पर रहीं।
सीमा ने अपने पांचवें प्रयास में 59.88 मीटर की दूरी तक चक्का फेंका लेकिन यह पदक के लिए पर्याप्त नहीं था। तीनों पदक विजेताओं के सर्वश्रेष्ठ प्रयास 60 मीटर से अधिक रहे।
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