गौरव त्रिपाठी का जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई गोरखपुर में ही हुई। इसके बाद उन्होंने आइआईटी रुड़की से बीटेक किया।
कौन हैं गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी का जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई गोरखपुर में ही हुई। इसके बाद उन्होंने आइआईटी रुड़की से बीटेक किया। अपने बीटेक के दिनों में ही उन्होंने इंजीनियरिंग की बजाए सिविल सर्विसेज की दुनिया में जाने का फैसला किया। खासकर उन्हें वर्दी पहनने का भी काफी शौक रहा है। वर्दी पहनने की प्रेरणा अपने पिता और रिश्तेदारों से मिली। क्योंकि उनके पिता एक आर्मी अफसर थे, जो 2001 में रिटायर हुए।
एक इंटरव्यू में बताते हैं कि उनकी लाइफ में काफी उतार-चढ़ाव हुए। लेकिन वो उससे हताश नहीं हुए और हार नहीं मानी। उन्होंने बताया कि वो एक बार 2020 में पीसीएस में सेलेक्शन हुआ, लेकिन उन्होंने ज्वॉइन नहीं किया। वहीं, इसके बाद इसी परीक्षा में असलता भी हाथ लगी।
गर्लफ्रेंड को लेकर खोला था राज
एक चैनल को इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि क्या आपकी गर्लफ्रेंड है या नहीं। उन्होंने कहा कि इस उम्र में तो सबके साथ ऐसा होता है। वो एक सपोर्ट सिस्टम की तरह होती हैं। जो बात आप अपने माता-पिता से नहीं कर पाते हैं, वो उनसे शेयर कर सकते हैं।
यूपीएससी में कितनी रैंक आई
बता दें कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में ऑल इंडिया 226 रैंक हासिल की। उन्होंने हिंदी मीडियम से यह परीक्षा को क्रैक किया है। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा के लिए ऑनलाइन कोचिंग भी ज्वाइन की थी।
पढ़ाई के अलावा इन चीजों का शौक
एक इंटरव्यू में गौरव बताते हैं कि वह किताबी कीड़ा कभी नहीं रहे। व्लॉग बनाते थे, उन्हें तैराकी और संगीत का भी शौक है। चेस गेम में भी मास्टर थे। इसके अलावा वो यूट्यूब चैनल पर यूपीएससी हिंदी4 सीएस नाम का यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं। इन सब के बीच वो यूपीएससी की तैयारी के लिए 6 से 7 घंटे की पढ़ाई करते थे। इतना ही नहीं उन्होंने बीच में अपना स्टार्टअप भी शुरू किया था।
2 बार दे चुके थे इंटरव्यू
इससे पहले वो 3 बार यूपीएससी क्रैक करने में असफल रहे थे। गौरव त्रिपाठी दो बार इंटरव्यू राउंड तक पहुंचे। लेकिन उनका फाइनल सेलेक्शन नहीं हो सका। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आखिरकार तीसरे प्रयास में सफलता का परचम लहराया।
कैसे की तैयारी
हिंदी मीडियम का होने के चलते स्टडी मैटेरियल की कमी जैसी मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा। तैयारी के लिए एनसीईआरटी (NCERT) की किताबें इकट्ठा करना शुरू किया और एक संपूर्ण यूपीएससी की तैयारी का शेड्यूल बनाया। लेकिन वो पढ़ाई के वक्त पूरी तरह पढ़ाई करते थे।
इंटरव्यू नहीं बल्कि पर्सनालिटी टेस्ट होता है
यूपीएससी इंटरव्यू के बारे में वो बताते हैं कि वो एक इंटरव्यू नहीं बल्कि पर्सनालिटी टेस्ट होता है। वहां ये सब बिल्कुल नहीं पूछा जाता कि आप ये पेन बेचकर दिखाओ, या फिर आते वक्त कितने रेलवे स्टेशन पड़े या आपके शर्ट में कितने बटन होते हैं। वहां ये देखा जाता है कि आपका थॉट प्रॉसेस क्लियर है या नहीं।
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