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अगर आप हर महीने 10 हजार रुपए की बचत करना चाहते हैं और आपका लक्ष्य अगले 15 साल में बड़ा फंड तैयार करने का हैं, तो आपके सामने दो सबसे पसंदीदा विकल्प हैं। सरकारी गारंटी वाला PPF और दूसरा बाजार आधारित SIP।
PPF जहां बिना किसी रिस्क के 100% टैक्स-फ्री रिटर्न की गारंटी देता है, वहीं SIP लॉन्ग टर्म में वेल्थ कंपाउंडिंग के जरिए बड़ा फंड बनाने की ताकत रखती है। आइए 15 साल के रियल कैलकुलेशन और टैक्स कटने के बाद के आंकड़े से समझते हैं कि किसमें कितना फायदा है।
राहुल और अमित के उदाहरण से समझें पूरा गणित…
मान लीजिए दो दोस्त, राहुल और अमित, 15 साल के लिए हर महीने 10 हजार की बचत करने की योजना बनाते हैं। इस पूरी अवधि में दोनों की जेब से कुल ₹18 लाख का निवेश होगा।
- राहुल की स्ट्रैटेजी: राहुल ने रिस्क से बचते हुए PPF में निवेश शुरू किया।
- अमित की स्ट्रैटेजी: अमित ने रिस्क लेते हुए म्यूचुअल फंड SIP का रास्ता चुना।
15 साल पूरे होने पर किसके खाते में कितना पैसा आएगा…
PPF में अभी 7.1% सालाना चक्रवृद्धि ब्याज
- 15 साल में कुल निवेश: 18 लाख रुपए
- मैच्योरिटी पर कुल रकम: करीब 32.54 लाख रुपए
- टैक्स कटौती: इसमें मूलधन, ब्याज और मैच्योरिटी पूरी तरह टैक्स-फ्री है
पीपीएफ का रास्ता चुनने वाले राहुल को 15 साल बाद ₹32.54 लाख इन-हैंड मिलेंगे। ये निवेश पूरी तरह सुरक्षित है इसलिए राहुल को पहले ही दिन से पता होगा कि मैच्योरिटी पर कितनी रकम मिलेगी।
इक्विटी SIP में 12.5% LTCG टैक्स कटेगा
म्यूचुअल फंड में रिटर्न फिक्स नहीं होता, बल्कि यह शेयर बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। साथ ही 1 साल से अधिक समय बाद पैसे निकालने पर 12.5% का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स कटता है। अमित के निवेश को 3 अलग-अलग रिटर्न स्तरों पर देखें:
1. अगर 8% सालाना रिटर्न मिला
- प्री-टैक्स कुल फंड: ₹34.83 लाख
- टैक्स कटने के बाद इन-हैंड: करीब ₹32.7 लाख
- नतीजा: टैक्स चुकाने के बाद SIP का फायदा PPF के लगभग बराबर ही रह जाता है।
2. अगर 10% सालाना रिटर्न मिला
- प्री-टैक्स कुल फंड: ₹41.79 लाख
- टैक्स कटने के बाद इन-हैंड: करीब ₹38.9 लाख
- नतीजा: अमित को राहुल (PPF) से करीब ₹6.4 लाख ज्यादा मिलेंगे।
3. अगर 12% सालाना रिटर्न मिला
- प्री-टैक्स कुल फंड: ₹50.45 लाख
- टैक्स कटने के बाद इन-हैंड: करीब ₹46.40 लाख
- नतीजा: अमित को राहुल (PPF) से करीब ₹13.90 लाख ज्यादा मिलेंगे।
आपके प्रोफाइल के हिसाब से क्या बेहतर?
- PPF कब चुनें: अगर आप अपनी जमा पूंजी पर शून्य रिस्क चाहते हैं, रिटायरमेंट या बच्चों की पढ़ाई के लिए निश्चित रकम का टारगेट है और टैक्स छूट का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं।
- SIP कब चुनें: अगर आपका नजरिया 10 से 15 साल का है, आप बाजार के छोटे-मोटे झटकों से नहीं घबराते और महंगाई दर को पछाड़कर बड़ा वेल्थ कॉर्पस बनाना चाहते हैं।
- एक्सपर्ट कमेंट: लंबी अवधि के पोर्टफोलियो में दोनों का तालमेल (जैसे 70% इक्विटी SIP + 30% PPF) सबसे सुरक्षित और ग्रोथ देने वाला फॉर्मूला माना जाता है।
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