भारत ने एक बार फिर मोहसिन नकवी से एशिया कप ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। लगातार दूसरे साल ऐसा हुआ। पिछली बार पुरुष टीम जबकि इस बार महिला टीम ने नकवी को ठेंगा दिखाया।
‘हमारे लिए टूर्नामेंट खत्म हो गया’
मजूमदार मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ”यह फैसला बीसीसीआई ने लिया। हम उस पर कायम हैं। हमारे लिए टूर्नामेंट खत्म हो गया है। हम चैंपियन हैं। यह काफी है। हमारे लिए ऑफिशियली टूर्नामेंट खत्म हो चुका है। बड़े बोर्ड पर लिखा था कि भारत एशिया कप 2026 का चैंपियन है। हमें खुशी है कि हम चैंपियन बने। अब हमें एशियन गेम्स 2026 का इंतजार है।” वहीं, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने स्पोर्ट्स तक से बात करते हुए कहा, ”अब वजह इसके लिए कुछ दूसरी नहीं है। यहां मैं कोई बड़ी चीज नहीं बोलने जा रहा हूं। हमारा एक ही मकसद था कि जो पहलगाम में हुआ था अप्रैल 2025 में उसके बाद हमारी कुछ दिक्कतें उनसे थीं। उसके बाद हमारे पाकिस्तान के साथ रिश्ते खराब हो गए। हम नहीं चाहते थे कि पाकिस्तान के साथ कोई गेम खेलें। बावजूद इसके BCCI ने सेंट्रल गवर्नमेंट की पॉलिसी को फॉलो किया और हम खेले।”
श्रीलंकाई टीम ने नकवी से लिया चेक
सचिव ने आगे कहा, ”हमारा भारत का हर खिलाड़ी और हर देशवासी नेशन इज फर्स्ट पॉलिसी अपनाता है। पूरा देश यह मानता है कि हम ऐसे शख्स से ट्रॉफी नहीं लेंगे जो हमारे देश के खिलाफ युद्ध की बात कहता है। उनसे हम लोग कैसे ट्रॉफी ले सकते है? इसीलिए पुरुष टीम के समय पर भी जब एशिया कप का चैंपियन भारत हुआ तो हमने ट्रॉफी नहीं ली और आज महिला दल भी चैंपियन बना तो हम ट्रॉफी लेने नहीं गए।” भारतीय पुरुष टीम ने पिछले साल ट्रॉफी के बिना ही मंच पर जश्न मनाया था। इस बार बीसीसीआई सचिव द्वारा नंदनी शर्मा को बेस्ट फील्डिंग का मेडल दिए जाने के बाद भी भारतीय महिला टीम की खिलाड़ी पुरस्कार वितरण समारोह के लिए मैदान पर नहीं लौटीं। श्रीलंकाई टीम ने नकवी से उपविजेता का चेक स्वीकार किया। नकवी ने श्रीलंका की कप्तान चामरी अटापट्टू को पुरस्कार प्रदान करने के बाद तुरंत स्टेडियम छोड़ दिया।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.