टेक्नोलॉजी क्षेत्र में नौकरी को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी ओरेकल में भारत में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की आशंका जताई जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक इस बार करीब 2 हजार से 3 हजार कर्मचारियों की नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं। 1 सितंबर को इस संभावित कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण तारीख माना जा रहा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार इकोनॉमिक टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में भारत में ओरेकल की प्रस्तावित छंटनी का जिक्र किया है। बाजार अनुसंधान संस्था ईआईआईआरट्रेंड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी परीख जैन के अनुमान के मुताबिक नई कटौती से 2 हजार से 3 हजार कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं और इसका असर 1 सितंबर से दिखाई दे सकता है।
हालांकि ओरेकल ने 1 सितंबर से देशव्यापी छंटनी शुरू करने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। इसलिए फिलहाल सामने आई जानकारी को संभावित कार्रवाई के तौर पर ही देखा जा रहा है।
बता दें कि ओरेकल के भारत में करीब 30 हजार कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में अगर 2 हजार से 3 हजार लोगों की छंटनी होती है तो यह कंपनी के भारतीय कार्यबल में बड़ी कमी होगी। इससे पहले भी ओरेकल भारत में करीब 12 हजार कर्मचारियों को प्रभावित करने वाली छंटनी कर चुकी है।
आखिर 1 सितंबर को लेकर इतनी चर्चा क्यों है? इसका संकेत अगस्त में आई बिजनेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट से मिला था। रिपोर्ट में कंपनी की योजनाओं से परिचित लोगों और एक आंतरिक दस्तावेज के हवाले से बताया गया था कि प्रबंधकों से संभावित रूप से प्रभावित होने वाले कर्मचारियों की सूची तैयार करने को कहा गया था।
कुछ टीमों में कर्मचारियों की संख्या में दो अंकों के प्रतिशत तक कमी किए जाने की संभावना भी बताई गई थी। एक व्यक्ति के हवाले से कहा गया था कि कंपनी अपनी दूसरी तिमाही शुरू होने तक कर्मचारियों पर होने वाले खर्च को कम करना चाहती है। इसी वजह से 1 सितंबर को कर्मचारियों के बीच संभावित नौकरी कटौती को लेकर चर्चा तेज हुई है।
गौरतलब है कि ओरेकल एक तरफ कर्मचारियों की लागत घटाने की कोशिश कर रही है, वहीं एआई से जुड़े ढांचे में अरबों डॉलर का निवेश भी कर रही है। तकनीकी कंपनियों में इस समय खर्च को दोबारा व्यवस्थित करने और एआई पर अधिक संसाधन लगाने की होड़ चल रही है। ऐसे में पारंपरिक भूमिकाओं और बढ़ती स्वचालन व्यवस्था के बीच कर्मचारियों पर दबाव बढ़ रहा है।
इसी बीच भारत में माइक्रोसॉफ्ट के कर्मचारियों को लेकर भी पुनर्गठन की खबर सामने आई है। इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार करीब 500 कर्मचारियों को प्रदर्शन सुधार योजना में रखा गया है। परीख जैन के अनुमान के मुताबिक वैश्विक स्तर पर चल रही इस प्रक्रिया से भारत में करीब 400 से 500 कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं।
हालांकि माइक्रोसॉफ्ट ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शन सुधार योजना में शामिल किए जाने को सीधे तौर पर नौकरी जाने के बराबर नहीं माना जाना चाहिए। ऐसे में दोनों कंपनियों के मामलों में अंतिम स्थिति संबंधित कंपनियों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल तकनीकी क्षेत्र के कर्मचारियों की नजर आने वाले दिनों में होने वाले फैसलों पर टिकी हुई हैं।
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