Dollar vs Rupee: वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच बुधवार को भारतीय रुपये में मजबूती देखी गई. हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन रुपया शुरुआती कारोबार में पांच पैसे की बढ़त के साथ 90.67 प्रति डॉलर पर पहुंच गया. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी पूंजी के प्रवाह ने घरेलू मुद्रा को सहारा दिया.
रुपये में क्यों तेजी?
इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 90.60 पर खुला और बाद में 90.67 पर आ गया, जो पिछले बंद भाव से पांच पैसे की बढ़त दर्शाता है. मंगलवार को रुपया दो पैसे की मजबूती के साथ 90.72 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. हालांकि, मजबूत अमेरिकी डॉलर और घरेलू शेयर बाजारों में हल्की गिरावट ने रुपये की तेजी को सीमित रखा.
डॉलर सूचकांक 0.10 प्रतिशत बढ़कर 97.24 पर पहुंच गया. घरेलू शेयर बाजारों में हल्की कमजोरी रही. सेंसेक्स 77 अंक टूटकर 83,373 पर और निफ्टी 26 अंक फिसलकर 25,699 पर कारोबार करता दिखा.
वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.36 प्रतिशत गिरकर 68.40 डॉलर प्रति बैरल पर रहा, जिससे रुपये को समर्थन मिला. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) मंगलवार को लिवाल रहे और उन्होंने 995.21 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जिससे मुद्रा को अतिरिक्त बल मिला.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
Mirae Asset Sharekhan के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी के मुताबिक, डॉलर की मजबूती और पूंजी प्रवाह में उतार-चढ़ाव के कारण रुपये में सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल सकता है. हालांकि, घरेलू बाजारों के सकारात्मक संकेत और कच्चे तेल की नरमी से गिरावट पर अंकुश लगा है. उनका अनुमान है कि इस सप्ताह अमेरिकी आवास बाजार और जीडीपी आंकड़ों पर निवेशकों की नजर रहेगी, और डॉलर-रुपया हाजिर दर 90.50 से 91 के बीच रह सकती है.
कुल मिलाकर, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और एफआईआई की खरीदारी ने रुपये को मजबूती दी है, लेकिन वैश्विक कारक और डॉलर की चाल आगे की दिशा तय करेंगे.
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