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आलू-प्याज जैसे खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने से रिटेल महंगाई लगातार सातवे महीने बढ़ी है। जुलाई में यह 4.45% रही है। एक महीने पहले जून में यह 4.38% पर थी। आज 12 अगस्त को रिटेल महंगाई के आंकड़े जारी किए गए हैं।
आलू और प्याज महंगे हुए, सोने-चांदी के गहने सस्ते
| सामान | जून में महंगाई दर | जुलाई में महंगाई दर |
| आलू | -20.34% | -16.56% |
| टमाटर | +31.92% | -4.59% |
| भिंडी | +5.54% | -5.52% |
| अदरक | +50.41% | +35.36% |
| प्याज | +4.73% | +22.54% |
| सोना/हीरा/प्लैटिनम के गहने | +36.82% | +32.98% |
| चांदी के गहने | +133.21% | +109.84% |
RBI के 4% टारगेट से लगातार दूसरे महीने ऊपर
रिजर्व बैंक ने रिटेल महंगाई दर का लक्ष्य 4% तय किया है। यह लगातार दूसरा महीना होगा जब रिटेल महंगाई आरबीआई के तय कम्फर्ट जोन 4% से ऊपर दर्ज की गई है।

महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है?
महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी।
4.45% महंगाई दर का क्या मतलब है?
1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल)
जब हम कहते हैं कि जून 2026 में महंगाई 4.45% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना जून 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 4.45% एक औसत नंबर है जिसे ‘कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं:
किसी चीज के दाम बहुत ज्यादा बढ़े होंगे।
किसी चीज के दाम घटे भी होंगे।
जब इन सबको एक साथ मिलाया गया, तो औसतन खर्च 4.45% बढ़ गया।
2. ₹100 की चीज अब ₹104.45 की हो गई
इसका गणित बहुत सीधा है। अगर जून 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान मई 2026 में ₹104.45 का हो गया है।
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