किन राज्यों में सबसे ज्यादा पड़ेगी लू?
- IMD के अनुसार पश्चिम राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र के कई हिस्से, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तर कर्नाटक और उत्तर तमिलनाडु में सामान्य से अधिक हीटवेव दिन दर्ज हो सकते हैं. इन क्षेत्रों में तापमान लगातार ऊंचा बना रह सकता है और गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं.
- मार्च महीने में हालांकि कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य या थोड़ा कम रह सकता है, लेकिन यह राहत ज्यादा लंबी नहीं होगी. मौसम विभाग का कहना है कि मार्च में देशभर में औसत बारिश सामान्य रहने की संभावना है, इससे शुरुआती दिनों में थोड़ी राहत मिल सकती है. लेकिन इसके बाद तापमान तेजी से बढ़ने का अनुमान है.
- मौसम विभाग ने यह भी बताया कि फिलहाल कमजोर ला नीना (La Nina) स्थितियां बनी हुई हैं, जो आगे चलकर न्यूट्रल ENSO स्थिति में बदल सकती हैं. यही बदलाव गर्मी के पैटर्न को प्रभावित करेगा. फरवरी 2026 में देश में 2001 के बाद सबसे कम बारिश दर्ज की गई और कोई ठंडी लहर नहीं चली. यही वजह है कि जमीन पहले से गर्म हो चुकी है और आने वाले महीनों में हीटवेव की संभावना बढ़ गई है.
IMD ने कहा है कि मार्च से मई के बीच देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से ज्यादा हीटवेव दिन होंगे. (फाइल फोटो PTI)
इस साल गर्मी को लेकर IMD ने क्या बड़ी चेतावनी दी है?
IMD ने कहा है कि मार्च से मई के बीच देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से ज्यादा हीटवेव दिन होंगे. इसका मतलब है कि लू लंबे समय तक चलेगी और तापमान लगातार ऊंचा बना रहेगा. इससे स्वास्थ्य, पानी की उपलब्धता, बिजली की मांग और जरूरी सेवाओं पर दबाव बढ़ सकता है.
किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा रहेगा?
बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, खेतों या निर्माण कार्य में काम करने वाले मजदूर और पहले से बीमार लोग सबसे ज्यादा जोखिम में होंगे. लंबे समय तक गर्मी में रहने से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं.
क्या मार्च में राहत मिलने की उम्मीद है?
आंशिक रूप से हां. मार्च में कुछ क्षेत्रों में तापमान सामान्य या थोड़ा कम रह सकता है क्योंकि बारिश सामान्य रहने की संभावना है. लेकिन यह राहत अस्थायी होगी और अप्रैल से गर्मी तेज होने का अनुमान है.
125 साल का रिकॉर्ड टूटने की बात क्यों कही जा रही है?
1901 से अब तक के तापमान आंकड़ों के अनुसार हाल के सालों में लगातार नए रिकॉर्ड बन रहे हैं. फरवरी 2026 पहले ही उच्च तापमान के मामले में शीर्ष सालों में शामिल हो चुका है. इसी ट्रेंड के आधार पर वैज्ञानिकों को रिकॉर्ड तोड़ गर्मी की आशंका है.
गर्मी का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर कैसे पड़ेगा?
बिजली की मांग बढ़ेगी, पानी की कमी हो सकती है, फसलों पर असर पड़ेगा और शहरों में हीट आइलैंड इफेक्ट बढ़ेगा. स्कूल टाइमिंग, ऑफिस शेड्यूल और यात्रा योजनाओं पर भी असर पड़ सकता है.
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