भारत और पाकिस्तान के बीच एशियाई खेलों में होने वाले बहुप्रतीक्षित पुरुष क्रिकेट फाइनल से पहले एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के जापान नहीं पहुंचने की पुष्टि हो गई है। शनिवार को आइची-नागोया एशियाई खेलों में भारत और पाकिस्तान के बीच स्वर्ण पदक का मुकाबला खेला जाना है, लेकिन नकवी इस मुकाबले के दौरान वहां मौजूद नहीं होंगे।
एशियाई क्रिकेट परिषद ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा है कि उसके अध्यक्ष मोहसिन नकवी आइची-नागोया 2026 के अंतिम दिन होने वाले मुकाबलों में शामिल नहीं हो पाएंगे। हालांकि, उन्होंने स्वर्ण और कांस्य पदक के मुकाबलों में हिस्सा लेने वाली सभी 4 टीमों को शुभकामनाएं दी हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, नकवी ने भी अपने संदेश में कहा है कि कुछ जरूरी जिम्मेदारियों के कारण वह नागोया नहीं जा सकेंगे। उन्होंने एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले सभी खिलाड़ियों और टीमों को स्वर्ण तथा कांस्य पदक के मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं दी हैं और कहा है कि वह इन मुकाबलों में रोमांचक क्रिकेट देखने की उम्मीद कर रहे हैं। नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं।
बता दें कि पुरुष क्रिकेट में स्वर्ण पदक के मुकाबले से पहले श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच कांस्य पदक का मुकाबला खेला जाना है। इसके बाद भारत और पाकिस्तान की टीमें स्वर्ण पदक के लिए आमने-सामने होंगी। दोनों देशों के बीच क्रिकेट मुकाबले को लेकर पहले से ही काफी चर्चा है और ऐसे में नकवी की गैरमौजूदगी को भी अहम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि हाल ही में महिला एशिया कप के दौरान मोहसिन नकवी से जुड़ा एक विवाद सामने आया था। उस दौरान भारतीय महिला टीम ने उनके हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद से ही यह सवाल उठ रहा था कि एशियाई खेलों में भारत की पुरुष टीम को पदक कौन प्रदान करेगा और क्या नकवी इस समारोह में मौजूद रहेंगे।
मौजूदा जानकारी के अनुसार, पदक प्रदान करने से जुड़ा फैसला अकेले एशियाई क्रिकेट परिषद नहीं करती है। यह जिम्मेदारी एशियाई ओलंपिक परिषद और आइची-नागोया एशियाई खेल तथा एशियाई पैरा खेल आयोजन समिति के बीच तय होती है। ऐसे में स्थानीय आयोजकों के सामने भी भारत-पाकिस्तान फाइनल के दौरान समारोह को लेकर कई बातों का ध्यान रखना था।
भारत और जापान के बीच लंबे समय से अच्छे राजनयिक संबंध हैं। इसी साल दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ भी मनाई जा रही है। इसी मौके पर 22 सितंबर को भारत और जापान के बीच एक द्विपक्षीय क्रिकेट मुकाबला भी खेला गया था।
यह मुकाबला क्रिकेट के लिहाज से भी खास रहा है, क्योंकि भारत मौजूदा विश्व चैंपियन है, जबकि जापान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सहयोगी देश है और उसकी विश्व रैंकिंग 41वीं है। ऐसे में भारत और जापान का यह मुकाबला दोनों देशों के संबंधों के साथ-साथ क्रिकेट के विस्तार के लिहाज से भी खास माना गया है।
मोहसिन नकवी के जापान नहीं आने से भारत और पाकिस्तान के फाइनल में पदक वितरण को लेकर उठ रही चर्चाओं पर भी फिलहाल विराम लग गया है। अब सभी की नजरें शनिवार को होने वाले मुकाबले पर टिकी हैं, जहां दोनों टीमें स्वर्ण पदक के लिए मैदान में उतरने वाली हैं।
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