पहाड़ों पर क्यों मच रहा है हाहाकार?
आमतौर पर मार्च के महीने में पहाड़ों पर सुहावना मौसम रहता है, लेकिन इस बार स्थिति एकदम उलट है. जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में पारा चढ़ने से ग्लेशियरों पर भी दबाव बढ़ सकता है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 4 दिनों तक यहां गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं. उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों की बात करें, तो वहां भी तापमान सामान्य से 6-8 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है. यह अचानक आई गर्मी खेती और आम जनजीवन दोनों के लिए चिंता का विषय बन गई है. हालांकि, 9 मार्च के बाद तापमान में 5-7 डिग्री की गिरावट आने की उम्मीद जताई गई है.
पश्चिमी विक्षोभ से कैसे बदलेगा मौसम का हाल?
गर्मी के इस टॉर्चर के बीच एक राहत भरी खबर भी आ रही है. मौसम विभाग के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) हिमालयी क्षेत्र में दस्तक देने वाला है. इसके प्रभाव से 9 मार्च से 11 मार्च के बीच पहाड़ों पर मौसम करवट लेगा. इस दौरान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है. 11 मार्च को जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है, जिससे तपते पहाड़ों को थोड़ी शांति मिलेगी.
IMD की मौसम संबंधी चेतावनी.
किन राज्यों में लू और उमस बढ़ाएगी मुसीबत?
मैदानी इलाकों में सिर्फ गर्मी ही नहीं, बल्कि लू (Heat Wave) का खतरा भी मंडरा रहा है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 7 और 8 मार्च को हिमाचल प्रदेश और विदर्भ के कुछ हिस्सों में लू चल सकती है. वहीं, राजस्थान में 10 और 11 मार्च को भीषण गर्मी का प्रकोप देखने को मिलेगा. दक्षिण और तटीय भारत की बात करें तो गुजरात, कोंकण, सौराष्ट्र और कच्छ में भारी उमस (Hot & Humid) रहने वाली है. तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी गर्मी के साथ उमस लोगों को बेहाल करेगी.
मैदानी राज्यों में अगले 7 दिनों का पूर्वानुमान क्या है?
देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान का ग्राफ तेजी से बदल रहा है. मध्य प्रदेश में अगले 24 घंटों के दौरान पारा 2-3 डिग्री तक और चढ़ सकता है. वहीं, पूर्वी भारत के राज्यों जैसे बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में अगले 3 दिनों तक मौसम स्थिर रहेगा, लेकिन उसके बाद वहां भी गर्मी बढ़ेगी. महाराष्ट्र और गुजरात में अगले 4 दिनों तक तापमान में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहेगा. दक्षिण भारत के राज्यों में फिलहाल अगले 5 दिनों तक कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद वहां भी गर्मी अपने तेवर दिखाएगी.
क्या बारिश और गरज के साथ आएगी राहत?
भले ही उत्तर भारत गर्मी से जूझ रहा है, लेकिन देश के कुछ हिस्सों में बारिश और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है. 9 और 10 मार्च को जम्मू-कश्मीर में 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में भी 9 से 11 मार्च के बीच गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है. पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 9 से 13 मार्च तक बारिश का दौर जारी रह सकता है. केरल और तटीय आंध्र प्रदेश में भी 8-9 मार्च को हल्की बूंदाबांदी की उम्मीद है.
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