IIM-B के पूर्व छात्रों द्वारा स्थापित स्टार्टअप्स जैसे बिगबास्केट, डेल्हीवरी, इंफ्रा.मार्केट, लिशियस, नेस्टअवे और अर्बन लैडर ने न केवल उपभोक्ता बाजार में बड़ा बदलाव लाया है, बल्कि खासकर लॉजिस्टिक्स और गिग इकोनॉमी के जरिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं।
IM-B के पूर्व छात्रों के स्टार्टअप्स ने बदली तस्वीर
IIM-B के पूर्व छात्रों द्वारा स्थापित स्टार्टअप्स जैसे बिगबास्केट, डेल्हीवरी, इंफ्रा.मार्केट, लिशियस, नेस्टअवे और अर्बन लैडर ने न केवल उपभोक्ता बाजार में बड़ा बदलाव लाया है, बल्कि खासकर लॉजिस्टिक्स और गिग इकोनॉमी के जरिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं। IIM बेंगलुरु एलुमनाई एसोसिएशन (IIMBAA) के अध्यक्ष हर्ष मित्तल ने कहा कि उद्यमिता के अलावा IIM-B के पूर्व छात्रों ने वेंचर कैपिटल और प्राइवेट इक्विटी के माध्यम से भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाई है।
15-20 अरब डॉलर की संपत्तियों का प्रबंधन, 1200 स्टार्टअप्स में निवेश
उन्होंने बताया कि पूर्व छात्रों द्वारा संचालित निवेश कंपनियां 15 से 20 अरब डॉलर (करीब 1.3 से 1.7 लाख करोड़ रुपये) की परिसंपत्तियों का प्रबंधन या सलाह देती हैं। इन कंपनियों ने अब तक 1,200 से अधिक तेजी से बढ़ते स्टार्टअप्स में निवेश किया है, जिससे उनके पोर्टफोलियो की कंपनियों में करीब 5 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं।
हर्ष मित्तल के मुताबिक, 360 वन (पूर्व में आईआईएफएल वेल्थ), फ्लोरिनट्री एडवाइजर्स, पीक XV, मैट्रिक्स पार्टनर्स, ब्लूम वेंचर्स, एथेरा वेंचर्स और 3पी इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स जैसी निवेश कंपनियों ने भारत के कई उभरते स्टार्टअप्स में निवेश कर उनके विकास और विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
5 करोड़ से अधिक छात्रों तक पहुंचीं एलुमनाई की संस्थाएं
शिक्षा क्षेत्र में टीमलीज, सीएल एजुकेट, व्हाइटहैट जूनियर, स्पोर्ट्ज़ विलेज, आईप्राइम्ड, स्टेप अप फॉर इंडिया और टर्निंग पेजेस जैसी IIM-B के पूर्व छात्रों द्वारा स्थापित संस्थाओं ने अब तक 5 करोड़ (50 मिलियन) से अधिक छात्रों और शिक्षार्थियों तक अपनी पहुंच बनाई है।
NGO और ग्राम पंचायतों को भी मिला सहयोग
सामाजिक क्षेत्र में सत्त्वा कंसल्टिंग, साहस जीरो वेस्ट, सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन, उन्नति फाउंडेशन और गुडेरा जैसी संस्थाओं ने 1,000 से अधिक गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और ग्राम पंचायतों को मजबूत करने में योगदान दिया है। इन संस्थाओं ने 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की परोपकारी और सामाजिक प्रभाव (Impact) फंडिंग जुटाई है, जिससे करीब एक करोड़ लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
1.5 लाख किसानों और गिग वर्कर्स को मिला फायदा
IIMBAA का दावा है कि कृषि-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में जीपीएस रिन्यूएबल्स, टैरलटेक और कृषकवेद जैसे स्टार्टअप्स तथा सार्वजनिक प्रशासन में कार्यरत IIM-B के पूर्व छात्रों के योगदान से कृषि आपूर्ति श्रृंखला मजबूत हुई है। इसके साथ ही 1.5 लाख से अधिक किसानों और गिग वर्कर्स को आधुनिक बाजारों से जोड़ा गया है।
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