ये पनी ‘एंटी-टॉपल टिल्टिंग टेक्नोलॉजी’ पर बनाया गया है। यह टेक्नोलॉजी गाड़ी के ऊपरी हिस्से को राइडर के साथ नैचुरली झुकने देती है, जबकि पीछे के दो पहिए बेहतर ग्रिप और स्टेबिलिटी देते हैं। यह डिजाइन कम स्पीड पर गाड़ी मोड़ने और भारत की ऊबड़-खाबड़ या फिसलन भरी सड़कों के लिए बनाया है।
BeiGo X4 को iGowise की अपनी ‘एंटी-टॉपल टिल्टिंग टेक्नोलॉजी’ पर बनाया गया है। यह टेक्नोलॉजी गाड़ी के ऊपरी हिस्से को राइडर के साथ नैचुरली झुकने देती है, जबकि पीछे के दो पहिए बेहतर ग्रिप और स्टेबिलिटी देते हैं। कंपनी का कहना है कि यह डिजाइन कम स्पीड पर गाड़ी मोड़ने और भारत की ऊबड़-खाबड़ या फिसलन भरी सड़कों पर राइडर का कॉन्फिडेंस बढ़ाने के लिए बनाया गया है।
यह इलेक्ट्रिक ट्राइक पहले 300 ग्राहकों के लिए ‘इनवाइट-ओनली’ प्रोग्राम के तहत 1.25 लाख रुपए की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत पर मिलेगी। इसके बाद इसकी कीमत 1.56 लाख रुपए हो जाएगी। कंपनी का टारगेट मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के आखिर तक 1,000 यूनिट डिलीवर करना है। BeiGo X4 की IDC-सर्टिफाइड रेंज 100Km है। कंपनी का दावा है कि इसके खास HomeSwft 72V आर्किटेक्चर की मदद से घर के पावर कनेक्शन से बैटरी को चार्ज करने में 100 मिनट लगते हैं।
इसके अन्य फीचर्स में ट्रिपल-डिस्क कंबाइंड ब्रेकिंग सिस्टम (CBS) और बेहतर ट्रैक्शन के लिए पीछे दो पहिए शामिल हैं। iGowise के फाउंडर श्रावण अप्पाना के मुताबिक, भारी इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तुलना में छोटी EV को कम एनर्जी की जरूरत होती है, वे सड़क पर कम जगह घेरती हैं और छोटी बैटरी से चलती हैं। इसलिए, ये भीड़-भाड़ वाले शहरों और डेली शहर में आने-जाने के लिए खास तौर पर उपयोगी हैं।
iGowise का दावा है कि यह गाड़ी 5 साल से ज्यादा की रिसर्च और डेवलपमेंट का नतीजा है। इसके लिए 50 से ज्यादा प्रोटोटाइप बनाए गए और भारत की अलग-अलग तरह की सड़कों पर 1.5 लाख किलोमीटर की रियल-वर्ल्ड टेस्टिंग की गई। BeiGo X4 को ICAT और ARAI सर्टिफिकेशन भी मिले हैं और यह CMVR नियमों और AIS-156 बैटरी सेफ्टी स्टैंडर्ड को पूरा करती है। कंपनी के पास अभी अपनी गाड़ी के आर्किटेक्चर और बैलेंसिंग टेक्नोलॉजी से जुड़े 12 पेटेंट हैं।
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