UPSC Success Story: बीड़ी बनाकर घर चलाने वाली मां के बेटे नंदाला साईं किरण ने गरीबी को हराकर यूपीएससी परीक्षा में 27वीं रैंक हासिल की है। NIT पासआउट साईं किरण की यह कहानी हर छात्र के लिए प्रेरणादायी है।
बचपन से देखा गरीबी और मां का संघर्ष
नंदाला साईं किरण का बचपन अभावों और तंगहाली के बीच बीता। उनके घर की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। उनके पिता का साया उनके सिर से जल्दी उठ गया था, जिसके बाद परिवार के पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी उनकी मां पर आ गई। साईं किरण की मां ने हार नहीं मानी और दिन-रात बीड़ी बनाने का काम करके अपने बेटे की परवरिश की और उसकी पढ़ाई का खर्च उठाया। मां की उंगलियों के छालों और उनकी दिन-रात की मेहनत ने साईं किरण के दिल में कुछ बड़ा करने की आग जला दी। उन्होंने तय कर लिया था कि वह अपनी मां के इस संघर्ष को बेकार नहीं जाने देंगे।
एनआईटी (NIT) से की बीटेक की पढ़ाई
अक्सर लोगों को लगता है कि आईएएस बनने के लिए आईआईटी (IIT) जैसे बड़े संस्थानों में पढ़ना जरूरी होता है, लेकिन साईं किरण ने इस सोच को गलत साबित कर दिया। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT), वारंगल में दाखिला लिया और बीटेक (BTech) की डिग्री पूरी की। कॉलेज के दौरान ही उनका झुकाव यूपीएससी की तरफ हुआ। बीटेक पूरा करने के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट क्षेत्र की नौकरी में जाने के बजाय सीधे यूपीएससी की तैयारी करने का कठिन फैसला लिया।
यूपीएससी में पाईं 27वीं रैंक
सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी का सफर आसान नहीं था। संसाधनों की कमी और सीमित साधनों के बावजूद साईं किरण ने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा। उन्होंने अपनी पढ़ाई की एक अच्छी रणनीति बनाई और रोजाना कई घंटों तक लगन से पढ़ाई की। उनकी मेहनत रंग लाई और 2023 उन्होंने देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली यूपीएससी परीक्षा को न केवल पास किया, बल्कि ऑल इंडिया 27वीं रैंक हासिल करके अपनी सफलता का परचम लहराया।
जब नतीजे घोषित हुए और साईं किरण के आईएएस बनने की खबर आई, तो उनकी मां की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। जिन हाथों ने कभी बीड़ी बनाकर बेटे को पढ़ाया था, आज वही हाथ अपने बेटे को एक IAS के रूप में देखकर गर्व से भरे हुए थे। साईं किरण की यह कहानी सिखाती है कि अगर आपके पास कड़ी मेहनत, ईमानदारी और अपने सपनों के प्रति निष्ठा है, तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको आपकी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.