UPSC Success Story: बस ड्राइवर के बेटे मोईन अहमद ने आर्थिक तंगी के कारण साइबर कैफे में काम किया और 2022 में अपने 4वें प्रयास में AIR 296 हासिल कर IAS बनने का सपना पूरा किया।
आर्थिक तंगी और पिता का संघर्ष
मोईन का परिवार बेहद साधारण और मध्यमवर्गीय पृष्ठभूमि से आता है। उनके पिता पैसे से एक बस ड्राइवर हैं और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। सीमित आय के कारण परिवार को कई बार आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था। हालांकि, तमाम मुश्किलों के बावजूद उनके पिता ने कभी अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में कमी नहीं आने दी और हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते रहे।
लोगों के ताने बने सफलता की सीढ़ी
मोईन जब पढ़ाई कर रहे थे, तो आस-पास के कुछ लोग अक्सर उनके पिता के पेशे को लेकर ताने मारते थे। कई लोग मजाक करते हुए कहते थे कि “ड्राइवर का बेटा है, बड़ा होकर क्या ही करेगा? मजदूरी ही तो करेगा!” ये बातें किसी भी युवा का मनोबल तोड़ने के लिए काफी थीं, लेकिन मोईन ने इन तानों को अपने दिल से लगाने के बजाय अपनी पढ़ाई का ईंधन बनाया। उन्होंने मन ही मन यह ठान लिया था कि वे अपनी कड़ी मेहनत से इन सभी लोगों का मुंह बंद करेंगे और अपने पिता का नाम पूरे समाज में रोशन करेंगे।
चौथे प्रयास में मिली ऐतिहासिक सफलता
12वीं और ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद मोईन ने सिविल सर्विसेज में जाने का फैसला किया। UPSC की तैयारी आसान नहीं थी, क्योंकि इसके लिए सही मार्गदर्शन और निरंतरता की आवश्यकता होती है। मोईन ने बिना हिम्मत हारे सही रणनीति बनाई, सिलेबस को गहराई से समझा और अनुशासित होकर कई घंटों तक पढ़ाई की।
समाज की परवाह किए बिना मोईन ने कड़ी मेहनत से अपनी कमियां सुधारीं। 2022 में प्रीलिम्स और मेन्स निकालने के बाद, इंटरव्यू में 187 अंक हासिल किए। उन्होंने अपने चौथे प्रयास में 296वीं रैंक लाकर ताने देने वालों को करारा जवाब दिया और UPSC क्रैक किया। आज वे पश्चिम बंगाल कैडर में एक सफल IAS अधिकारी के रूप में देश की सेवा कर रहे हैं।
छात्रों के लिए प्रेरणादायक सीख
मोईन अहमद मंसूरी की यह कहानी हर उस छात्र के लिए एक महान सीख है जो संसाधनों की कमी को अपनी सफलता की रुकावट मानते हैं। आपका बैकग्राउंड चाहे कैसी भी हो, यदि आपका लक्ष्य स्पष्ट है तो सफलता जरूर मिलती है। लोग क्या कहते हैं, इस पर ध्यान देने के बजाय अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें। अपने माता-पिता के संघर्ष को याद रखकर पढ़ाई करना सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है।
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