कंपनी की अपकमिंग दो SUV को भारत में टेस्टिंग के दौरान देखा जा चुका है, जिससे पता चलता है कि उनका डेवलपमेंट प्रोग्राम आगे बढ़ रहा है। इवेंट में घोषित हुंडई की एक्सटेंडेड-रेंज इलेक्ट्रिक गाड़ियों के भारतीय मार्केट में आने की पुष्टि नहीं हुई है।
कंपनी की अपकमिंग दो SUV को भारत में टेस्टिंग के दौरान देखा जा चुका है, जिससे पता चलता है कि उनका डेवलपमेंट प्रोग्राम आगे बढ़ रहा है। इवेंट में घोषित हुंडई की एक्सटेंडेड-रेंज इलेक्ट्रिक गाड़ियों के भारतीय मार्केट में आने की पुष्टि नहीं हुई है। हुंडई 2026 की चौथी तिमाही में एक बिल्कुल नई A-सेगमेंट इलेक्ट्रिक SUV के साथ अपनी अगली प्रोडक्ट सीरीज शुरू करेगी। इस मॉडल को खास तौर पर भारतीय खरीदारों के लिए लोकलाइज तौर पर डेवलप किया जा रहा है।
कॉम्पैक्ट EV के टेस्ट म्यूल्स को भारतीय सड़कों पर देखा जा चुका है। हालांकि, हुंडई ने इसके स्पेसिफिकेशन्स का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उसने नेक्स्ट-जनरेशन इंफोटेनमेंट सिस्टम और लेवल 2 ADAS की पुष्टि की है। बैटरी कैपेसिटी, सर्टिफाइड रेंज और प्रोडक्शन स्पेसिफिकेशन्स के लॉन्च के करीब बताए जाने की उम्मीद है।
इसके कॉम्पैक्ट साइज की वजह से यह भीड़-भाड़ वाले शहरी इलाकों के लिए बेहतर होगी, जबकि बड़े पैमाने पर लोकलाइजेशन से हुंडई इसे कॉम्पटीटर कीमत पर पेश कर पाएगी। नया मॉडल क्रेटा इलेक्ट्रिक से नीचे की कैटेगरी में आएगा और हुंडई को भारत के इलेक्ट्रिक कार मार्केट के एक बड़े हिस्से तक पहुंचने में मदद करेगा।
हुंडई ने भारत के लिए एक नई ICE-पावर्ड मिडसाइज SUV की भी आधिकारिक पुष्टि की है। स्पाई शॉट्स से पता चलता है कि डेवलपमेंट पहले से ही चल रहा है। इसे टेस्ट गाड़ियां कैमोफ्लाज के साथ चलती हुई देखी गई हैं। अपकमिंग SUV के ग्लोबली हुंडई बेयॉन पर बेस्ड होने की उम्मीद है। हालांकि, भारत-स्पेसिफिक मॉडल के डिजाइन, साइज और इक्विपमेंट में बड़े बदलाव हो सकते हैं। यह मारुति विक्टोरिस और इसी तरह की अन्य SUV जैसे मॉडल्स को टक्कर देगी।
इसमें पेट्रोल और फैक्ट्री-फिटेड CNG सहित कई पावरट्रेन ऑप्शन होने की उम्मीद है। CNG वर्जन हुंडई को मारुति सुजुकी के बढ़ते अल्टरनेटिव-फ्यूल पोर्टफोलियो से सीधे मुकाबला करने में मदद करेगा। इंजन, ट्रांसमिशन और क्रेटा के मुकाबले इसकी पोजिशनिंग के बारे में जानकारी अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं की गई है।
प्रोडक्शन कैपेसिटी में भी करेगी इजाफा
हुंडई 2030 तक अपनी सालाना भारतीय मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी में 3.2 लाख यूनिट्स जोड़ने की योजना बना रही है। भारत में इसकी मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं की कुल कैपेसिटी अभी लगभग 11 लाख गाड़ियां सालाना है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक भारत में बनने वाली अपनी गाड़ियों में 90% लोकल पार्ट्स का इस्तेमाल करना है। इस लोकलाइजेशन की कोशिश में 1,400 से ज्यादा घरेलू सप्लायर और 900 से ज्यादा लोकल इंजीनियर मदद करेंगे।
भारत, हुंडई के लिए दुनियाभर में एक्सपोर्ट के प्रमुख सेंटर में से एक बना रहेगा। उम्मीद है कि 2030 तक भारत में बने वाहनों का लगभग 30% हिस्सा एशिया, अफ्रीका, मिडिल ईस्ट और साउथ अमेरिका के बाजारों में एक्सपोर्ट किया जाएगा। हुंडई ने TVS मोटर के साथ इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर पार्टनरशिप भी की है। इन गाड़ियों को हुंडई डिजाइन करेगी और TVS इनका मैन्युफैक्चरिंग करेगी। लग्जरी ब्रांड ‘जेनेसिस’ को 2027 में भारत में लॉन्च करने की योजना है।
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