JioTag Go 2 लॉन्च के कुछ ही दिनों बाद 200 रुपए सस्ता हो गया है। अब यह स्मार्ट ट्रैकर 1,049 रुपए में मिलेगा। 120dB अलार्म, Android-iPhone सपोर्ट और करीब 1 साल की बैटरी जैसे फीचर्स इसे खास बनाते हैं।
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लॉन्च प्राइस से 200 रुपए सस्ता हुआ JioTag Go 2
JioTag Go 2 को भारत में 1,249 रुपए में लॉन्च किया गया था। अब इसकी कीमत घटकर 1,049 रुपए हो गई है। लॉन्च के कुछ ही दिनों बाद कंपनी ने इसकी कीमत कम कर दी है। JioTag Go 2 को तीन कलर ऑप्शन में ख़रीदा जा सकता है Grey, Olive और Red। इसका डिजाइन छोटा और हल्का रखा गया है, ताकि इसे चाबी, बैग या सामान के साथ आसानी से लगाया जा सके।
JioTag Go 2 क्या करता है?
JioTag Go 2 को आसान भाषा में सामान खोजने वाला स्मार्ट ट्रैकर कह सकते हैं। इसे आप अपनी चाबी, वॉलेट, हैंडबैग, लैपटॉप बैग, सूटकेस या दूसरी जरूरी चीजों के साथ लगा सकते हैं। मान लीजिए आपने घर में अपनी चाबी कहीं रख दी और अब वह मिल नहीं रही। ऐसी स्थिति में फोन से JioTag Go 2 को रिंग कराया जा सकता है। ट्रैकर में मौजूद स्पीकर तेज आवाज करता है, जिससे आसपास रखी चीज को ढूंढना आसान हो जाता है। यानी यह डिवाइस उन लोगों के लिए काफी काम का हो सकता है जिन्हें छोटी-छोटी चीजें रखकर भूलने की आदत है।
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JioTag Go 2 में कंपनी ने 120dB का बिल्ट-इन अलार्म दिया है। जब ट्रैकर आपके आसपास हो तो फोन की मदद से इसमें तेज आवाज बजाई जा सकती है। इससे सोफे के नीचे, किसी कमरे या बैग के अंदर रखी चीज को ढूंढने में मदद मिल सकती है। यह फीचर खास तौर पर चाबी, वॉलेट या छोटे बैग जैसी चीजों के लिए उपयोगी है, जो अक्सर घर में इधर-उधर रखकर भूल जाते हैं।
Android और iPhone दोनों के साथ चलेगा
JioTag Go 2 का सबसे बड़ा फायदा इसका क्रॉस-प्लेटफॉर्म सपोर्ट है। यह Google के Find Hub और Apple के Find My नेटवर्क के साथ काम करता है। यानी Android और iPhone यूजर्स दोनों इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
Bluetooth से करता है काम, SIM की जरूरत नहीं
यहां एक बात समझना जरूरी है कि JioTag Go 2 कोई मोबाइल फोन जैसा GPS डिवाइस नहीं है। इसमें SIM कार्ड या अलग मोबाइल डेटा प्लान की जरूरत नहीं पड़ती। यह Bluetooth Low Energy यानी BLE तकनीक का इस्तेमाल करता है। जब ट्रैकर फोन की Bluetooth रेंज में होता है, तब उसे सीधे फोन के जरिए खोजा जा सकता है। अगर सामान Bluetooth रेंज से बाहर चला गया है, तो Google और Apple के संबंधित नेटवर्क के जरिए उसकी लोकेशन का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
रेंज से बाहर होने पर भी मिल सकती है लोकेशन
मान लीजिए आपका बैग कहीं छूट गया और JioTag Go 2 आपके फोन की Bluetooth रेंज से बाहर है। ऐसी स्थिति में भी उम्मीद खत्म नहीं होती। JioTag Go 2 Google Find Hub और Apple Find My के कम्युनिटी नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकता है।
बैटरी भी बार-बार चार्ज करने की जरूरत नहीं
JioTag Go 2 में रिचार्जेबल बैटरी के बजाय CR2032 replaceable coin-cell battery इस्तेमाल की जाती है। Jio के मुताबिक एक बैटरी करीब एक साल तक चल सकती है। कंपनी बॉक्स में अतिरिक्त बैटरी भी देती है, जिससे कुल मिलाकर करीब दो साल तक की बैटरी का इंतजाम हो जाता है।
IP64 रेटिंग से धूल-पानी से सुरक्षा
JioTag Go 2 का डिजाइन छोटा होने के साथ काफी उपयोगी भी रखा गया है। कंपनी इसे IP64 रेटिंग के साथ पेश करती है। इसका मतलब यह धूल से सुरक्षा और पानी के छींटों से बचाव देता है।
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