HUL के शेयर प्रदर्शन
नुवामा (Nuvama) के मुताबिक HUL के लिए आगे ग्रोथ और मार्जिन सुधार के कई मौके मौजूद हैं। कंपनी ने मध्यम अवधि में EBITDA मार्जिन 22-24% के दायरे में रखने का लक्ष्य रखा है। साथ ही कंपनी प्रीमियम प्रोडक्ट्स का हिस्सा बढ़ाने, ऑपरेशनल लीवरेज, फ्यूचर सेविंग लैब (Future Savings Lab) और AI आधारित मीडिया प्रभावशीलता के जरिए करीब 500 बेसिस पॉइंट की बचत हासिल करने की योजना पर काम कर रही है।
कंपनी को उम्मीद है कि अतिरिक्त रेवेन्यू ग्रोथ में करीब 40% योगदान खपत बढ़ने और प्रीमियमाइजेशन से, 40% मार्केट मेकिंग से और बाकी 20% नए कारोबार क्षेत्रों से आएगा। कंपनी मध्यम अवधि में कैपेक्स को बिक्री के 2% से बढ़ाकर 3% तक ले जाने की भी योजना बना रही है। इसमें ग्रोथ और सेविंग से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर कैपेक्स का हिस्सा 85% तक बढ़ाने का लक्ष्य है।
कंपनी को उम्मीद है कि FY27 का प्रदर्शन FY26 से बेहतर रह सकता है। इसके लिए HUL लागत कंट्रोल और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर लगातार फोकस कर रही है। कंपनी फिक्स्ड कॉस्ट की ग्रोथ को रेवेन्यू ग्रोथ के करीब 0.8 गुना तक सीमित रखने का लक्ष्य बना रही है, जिससे ऑपरेटिंग लीवरेज में सुधार हो सकता है। इसके अलावा कंपनी अपने लोकप्रिय Dove ब्रांड को लेकर भी आक्रामक रणनीति अपना रही है। फिलहाल Dove कंपनी के 5वें सबसे बड़े ब्रांड की स्थिति में है और HUL का लक्ष्य इसे बढ़ाकर कंपनी का दूसरा सबसे बड़ा ब्रांड बनाना है। अगर यह रणनीति सफल होती है, तो प्रीमियम सेगमेंट में कंपनी की ग्रोथ को मजबूती मिल सकती है।
HUL के Q1 FY27 रिजल्ट की बात करें तो 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 3% घटकर ₹2,673 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹2,756 करोड़ था। हालांकि, कंपनी की कुल आय 10% बढ़कर ₹17,341 करोड़ हो गई, जो एक साल पहले ₹15,757 करोड़ थी। ऑपरेटिंग स्तर पर EBITDA भी बढ़कर ₹3,947 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹3,640 करोड़ था।
हालांकि, EBITDA मार्जिन 23.1% से घटकर 22.76% रह गया। कंपनी के मुताबिक चुनौतीपूर्ण और अस्थिर कारोबारी माहौल के बावजूद मार्जिन उसके तय किए गए गाइडेंस के दायरे में रहा। ऐसे में नुवामा (Nuvama) की ₹2,820 की टारगेट कीमत HUL की भविष्य की ग्रोथ, लागत बचत, प्रीमियमाइजेशन और नए कारोबार क्षेत्रों में विस्तार की उम्मीदों पर आधारित है। निवेशकों को किसी भी फैसले से पहले कंपनी के वैल्यूएशन, तिमाही नतीजों, सेक्टर की स्थिति और अपने जोखिम को ध्यान में रखना चाहिए।
डिस्क्लेमर- कोई भी शेयर खरीदने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
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