भूलने की समस्या आज के समय में बेहद आम हो चुकी है। अमूमन लोग इसके लिए अत्यधिक तनाव व मल्टीटास्किंग को ही दोष देते हैं। लेकिन वास्तव में यह पूरी तरह से सच नहीं है। कई बार इसकी असली वजह शरीर में विटामिन बी12 की कमी भी हो सकती है? जी हां, यह विटामिन केवल खून बनाने के लिए ही नहीं, बल्कि दिमाग और नसों को स्वस्थ रखने के लिए भी बेहद जरूरी है।
अक्सर लोगों को विटामिन बी12 की कमी का अहसास नहीं होता, लेकिन अगर समय रहते इसकी कमी को पहचाना और पूरा नहीं किया जाए, तो यह याददाश्त, एकाग्रता और सोचने-समझने की क्षमता पर असर डाल सकती है। तो चलिए जानते हैं कि विटामिन बी12 की कमी का दिमाग से क्या संबंध है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
विटामिन बी12 क्यों जरूरी है?
विटामिन बी12 एक पानी में घुलनशील विटामिन है, जो शरीर में कई महत्वपूर्ण काम करता है। यह ना केवल लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है और डीएनए बनने की प्रक्रिया में भाग लेता है। बल्कि मस्तिष्क की कोशिकाओं के सही कामकाज में भी मदद करता है। यही वजह है कि जब शरीर में इसकी कमी होती है, तो सबसे पहले इसका असर नसों और मस्तिष्क के कार्यों पर दिखाई दे सकता है।
विटामिन बी12 की कमी और याददाश्त का आपस में क्या कनेक्शन है?
विटामिन बी12 की कमी और याददाश्त आपस में गहराई से जुड़े हैं। यह दिमाग को कई तरह से प्रभावित कर सकता है। विटामिन बी12 की कमी से लाल रक्त कोशिकाएं सामान्य रूप से नहीं बन पातीं, जिससे एनीमिया होने का खतरा बढ़ सकता है। इससे शरीर और मस्तिष्क तक ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो सकती है। जिसकी वजह से मानसिक थकान, ध्यान लगाने में परेशानी व याद रखने की क्षमता में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
किन लोगों में विटामिन बी12 की कमी का खतरा अधिक होता है?
यूं तो विटामिन बी12 की कमी किसी को भी हो सकती है, लेकिन कुछ लोगों में इसकी कमी की संभावना ज्यादा होती है, मसलन-
50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग
लंबे समय से पूरी तरह शाकाहारी या वीगन डाइट लेने वाले लोग
पेट या आंतों से जुड़ी बीमारियों वाले मरीज
लंबे समय तक एसिडिटी की दवाएं लेने वाले लोग
डायबिटीज की कुछ दवाएं लंबे समय तक लेने वाले लोग
क्या हर भूलने की बीमारी का कारण बी12 की कमी होती है?
यह सच है कि विटामिन बी12 की कमी से व्यक्ति की याददाश्त पर असर पड़ता है। लेकिन भूलने की समस्या सिर्फ विटामिन बी12 की कमी से नहीं जुड़ी होती, बल्कि इसके अन्य भी कई कारण हो सकते हैं, जैसे-
पर्याप्त नींद न लेना
लगातार तनाव
अवसाद
थायरॉयड की समस्या
कुछ दवाओं का असर
बढ़ती उम्र से जुड़े बदलाव
अन्य न्यूरोलॉजिकल रोग
इसलिए कभी भी सिर्फ लक्षण देखकर खुद से सप्लीमेंट लेना शुरू ना करें।
– मिताली जैन
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