आयुर्वेद में जामुन को चमत्कारी फल माना जाता है। इसके पत्ते, जड़, तना, फल और गुठली का इस्तेमाल कई दवाओं में किया जाता है। डायबिटीज के मरीज के लिए जामुन बहुत फायदेमंद है। वैसे तो सीजन पर ऐसे ही जामुन को खा लेना चाहिए और बची हुई गुठलियों को फेंकने की बजाय सुखाकर उनका पाउडर बनाकर इस्तेमाल कर लेना चाहिए। लेकिन जामुन का जूस बनाकर या जामुन का सिरका बनाकर भी पी सकते हैं। जामुन का सिरका लंबे समय तक खराब नहीं होता है। इसे आसानी से घर में बनाकर स्टोर कर सकते हैं। आइये जानते हैं जामुन का सिरका बनाने की रेसिपी।
जामुन का सिरका बनाने की रेसिपी (Jamun Vinegar Recipe)
पहला स्टेप- जामुन का सिरका बनाने के लिए करीब 1 किलो पके हुए जामुन ले लें और उन्हें अच्छी तरह से धोकर पानी निकाल दें। अब जामुन को किसी प्लेट में निकालकर उन्हें हाथों से अच्छी तरह से मसल लें। आप चाहें तो चाकू की मदद से जामुन की बीज निकाल लें और इसे मिक्सर ग्राइंडर में डालकर पीस लें।
दूसरा स्टेप- लेकिन जामुन को हाथ से दबाते हुए मसलने से जूस पतला बनता है और इससे सिरका भी अच्छा बनकर तैयार होता है। जामुन के बीज निकालने के बाद इसे हाथ से थोड़ा और मसल लें। जूस और गूदा अलग हो जाएगा। अब जामुन के पल्प को अच्छी तरह से निचोड़कर सारा जूस निकाल लें। बचे हुए पल्प और जामुन के बीज को सुखाकर इसका पाउडर बनाकर खा सकते हैं।
तीसरा स्टेप- अब जामुन के जूस को किसी छन्नी में डालकर अच्छी तरह से दबाते हुए छान लें। इससे जामुन का सारा रस निकल जाएगा। अब जामुन के जूस को किसी प्लास्टिक की बोतल में भर लें। कई बार कांच के जार में सिरका बनाते हुए जूस में गैस बन जाती है और बोतल टूट जाती है। इससे आपकी सारी मेहनत खराब हो सकती है। प्लास्टिक की बोतल को धोकर सुखाकर उसमें जामुन का जूस भर दें।
चौथा स्टेप- अब बोतल को ऊपर से 1-2 इंच खाली छोड़ दें। ढक्कन बंद कर दें और खाली वाली जगह पर सेफ्टी पिन से 2-3 छेद कर दें। अब बोतल का कैप लगा दें और इसे 1 महीने के लिए छांव या धूप में रख दें। इसमें बलल जैसे बनने लगें तो समझ लें सिरका बनकर तैयार है। अब इस सिरका को किसी भी जगह पर स्टोर कर लें।
पांचवां स्टेप- इसे ऐसे ही पानी में मिलाकर पी सकते हैं। आप चाहें तो इसमें तड़का लगाकर इस्तेमाल कर सकते हैं। इस सिरका को प्याज के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं। जामुन का सिरका दूसरे सिरका से कहीं ज्यादा फायदेमंद होता है। आपको सीजन पर घर में ये सिरका जरूर बनाकर इस्तेमाल करना चाहिए।
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