यमन के हूती विद्रोहियों ने घोषणा की कि वे सोमवार को सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी लागू करेंगे। यह कदम सऊदी अरब द्वारा सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर की गई नाकेबंदी और हवाई हमलों के जवाब में उठाया गया है। इस नाकेबंदी से बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) को खतरा है, जो लाल सागर का प्रवेश द्वार है और जहाँ से दुनिया का लगभग 12% व्यापार होता है। हूथी सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने एक वीडियो बयान में कहा कि सऊदी अरब पर समुद्री प्रतिबंध तुरंत लागू होगा और इसे “आँख के बदले आँख” वाली कार्रवाई बताया। यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि इस बारे में कोई और जानकारी नहीं दी गई कि यह रोक कैसे काम करेगी, लेकिन हूती मीडिया ऑफिस के डिप्टी हेड, नसरुद्दीन आमेर ने एक्स पर कहा कि सऊदी अरब के लिए बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य (strait) को बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने ऐसा सऊदी अरब द्वारा यमन के लोगों पर 10 साल से ज़्यादा समय से लगाई गई अनुचित नाकेबंदी के जवाब में कहा।
इसे भी पढ़ें: Houthi Rebels की Saudi Arabia के जहाजों पर नाकेबंदी, Global Oil Supply पर मंडराया गहरा संकट
क्या सऊदी अरब ने यमन पर हमला किया?
सऊदी अरब (KSA) ने 2015 में हूतियों के खिलाफ़ एक गठबंधन का नेतृत्व किया और साथ ही युद्ध से जूझ रहे इस देश पर हवाई और समुद्री नाकेबंदी भी लगा दी। हूतियों ने 2014 में शुरू हुए गृह युद्ध के दौरान यमन की राजधानी पर कब्ज़ा कर लिया था। हालाँकि, 2022 में KSA और हूतियों के बीच युद्धविराम हुआ था। अब उस युद्धविराम पर खतरा मंडरा रहा है। हूतियों ने KSA पर आरोप लगाया है कि उसने ईरान से लौट रहे हूती नेताओं को ले जा रही एक उड़ान को रोकने की कोशिश में सना हवाई अड्डे पर हमला किया। इसके बाद, मिलिटेंट समूह ने 13 जुलाई, 2026 को KSA के आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मिसाइलें और ड्रोन दागे।
ईरान के साथ तनाव से शिपिंग रूट पर असर
ईरान के कब्ज़े के बाद होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के ज़्यादातर बंद हो जाने के कारण, सऊदी अरब अपने कच्चे तेल को ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के ज़रिए रेड सी (Red Sea) तक भेज रहा है। रिस्टैड एनर्जी (Rystad Energy) के अनुसार, अब रोज़ाना लगभग 25 लाख बैरल तेल का ट्रांसपोर्ट खतरे में है, क्योंकि बाब अल-मंदेब (Bab al-Mandeb) पर हूतियों की नई नाकेबंदी से सऊदी अरब के तेल निर्यात का यह आखिरी रास्ता भी बंद होने का खतरा पैदा हो गया है। इससे सऊदी अरब पर अपने दोनों मुख्य शिपिंग रूट को लेकर एक साथ दबाव बढ़ गया है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.