हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ एफआईआर को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। शिमला में मीडिया से बातचीत में सीएम ने कहा कि देश की मुख्य विपक्षी पार्टी के अध्यक्ष पर एफआईआर आवाज दबाने की कोशिश है। कांग्रेस पार्टी इससे डरने वाली नहीं है। कांग्रेस पार्टी मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ “कंधे से कंधा मिलाकर” खड़ी है। दरअसल, धर्मशाला थाना में एडवोकेट एवं भाजपा के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी विश्व चक्षु ने मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ एक शिकायत दी है। इसमें उन्होंने खड़गे द्वारा पीएम मोदी को आतंकवादी कहने पर आपत्ति जताई है और खड़गे पर एफआईआर की मांग की है। उन्होंने अपनी शिकायत में इसे देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान और 140 करोड़ भारतीयों की भावनाओं को आहत करने वाला बताया है। सीएम ने बीजेपी पर जुबानी हमला बोला इस दौरान सीएम ने BJP के प्रदर्शन पर कहा कि भारतीय जनता पार्टी के “हाथी के दांत दिखाने के कुछ और और खाने के कुछ और हैं।” उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण का बिल 2023 में ही पास कर दिया था। तब सदन में कहा गया कि जनगणना पूरी होने के बाद महिलाओं को आरक्षण दे दिया जाएगा। ऐसे में हिमाचल में बीजेपी का महिला आरक्षण को लेकर धरना पूरी तरह राजनीतिक रोटियां सेंकना है। सीएम ने कहा कि केंद्र ने हिमाचल की रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद कर दी और मोदी ने हिमाचल को घोषित 1500 करोड़ रुपए नहीं दिए, लेकिन तब बीजेपी ने धरना नहीं दिया। अब जनता को गुमराह करने के लिए प्रदर्शन कर रही है। केएनएच मामले में प्रदर्शन गलत: CM शिमला के कमला नेहरू अस्पताल से गायनी ओपीडी को IGMC शिफ्ट करने के फैसले पर सुक्खू ने कहा कि पूरे प्रदेश में मदर एंड चाइल्ड वार्ड अलग हैं। भारत सरकार ने भी अलग बनाए हैं। गायनी ओपीडी को अलग शिफ्ट करने से आईजीएमसी में अच्छा इलाज मिलेगा। उन्होंने इसके विरोध को गलत बताया। दरअसल, अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति के बाद डॉक्टर भी इसके विरोध में उतर आए हैं।
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