सतीश सालियन अपने वकील नीलेश ओझा और कानूनी टीम के साथ मुंबई के बांद्रा ईस्ट स्थित कलानगर में मातोश्री पहुंचे। आदित्य ठाकरे के वकील राहुल दिवाते और अनिल जाधव ने नोटिस स्वीकार किया।
भारी पुलिस बल के बीच मातोश्री पहुंचे सतीश सालियन
सतीश सालियन करीब शाम 4 बजे मातोश्री पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और मीडिया मौजूद था। शिवसेना (यूबीटी) के कई कार्यकर्ता भी वहां जुटे हुए थे। पुलिस ने सतीश सालियन और उनकी कानूनी टीम को कलानगर में प्रवेश की अनुमति दी, लेकिन सुरक्षा कारणों से ठाकरे परिवार के आवास के दरवाजे बंद रखे गए। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अनिल देसाई और विधान परिषद सदस्य अनिल परब भी अपनी कानूनी टीम के साथ वहां मौजूद थे।
#WATCH | Disha Salian death case | Mumbai: After reaching outside the residence of Shiv Sena (UBT) leader Aaditya Thackeray, Disha Salian’s father, Satish Salian, says, “The notice concerns defamation. The compensation is Rs 500 crore. He (Aaditya Thackeray) lies every day…” pic.twitter.com/Uc6uRjjrQD
— ANI (@ANI) September 19, 2026
इसे भी पढ़ें: दिशा सालियान मामले में Sanjay Raut का आरोप, ठाकरे परिवार को फंसाने के लिए दूसरों का इस्तेमाल
दिशा सालियन की मौत की फिर से जांच का मामला
दिशा सालियन की 2020 में मुंबई के मलाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद मौत हो गई थी। मुंबई पुलिस ने पहले जांच में किसी साजिश की बात से इनकार किया था।
इसके बाद उनके पिता सतीश सालियन ने बॉम्बे हाई कोर्ट में उनकी मौत की परिस्थितियों की नए सिरे से जांच की मांग की। 2 सितंबर 2026 को हाई कोर्ट ने सीबीआई को मामले की जांच करने, सतीश सालियन का बयान दर्ज करने और एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था। साथ ही अदालत ने कहा था कि जांच में पर्याप्त सामग्री मिलने तक किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाए।
सीबीआई ने 14 सितंबर को एफआईआर दर्ज की, जिसमें आदित्य ठाकरे समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं। हालांकि, हाई कोर्ट के निर्देश के मुताबिक किसी व्यक्ति को पर्याप्त सबूत मिलने तक आरोपी नहीं माना जाना है।
आदित्य ठाकरे ने आरोपों से किया इनकार
गुरुवार को आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियन को जानने या उनसे कभी मिलने से इनकार किया था। उन्होंने दिशा की मौत से उनका नाम जोड़ने की कोशिशों को राजनीतिक मकसद से की गई कार्रवाई बताया था।
सतीश सालियन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “केवल भगवान ही मुझे नियंत्रित कर सकते हैं, कोई और नहीं।” उनके वकील नीलेश ओझा ने कहा, “आदित्य ठाकरे को माफी मांगनी चाहिए या मानहानि की कार्रवाई का सामना करना चाहिए।”
इसे भी पढ़ें: Chhatron Ki Goonj: इंदौर के मंच पर Rahul Gandhi ने ऐसा क्या किया, जिस पर BJP भड़क गई?
500 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग
रिपोर्टों के मुताबिक, मानहानि नोटिस में माफी मांगने, संबंधित बयानों को वापस लेने और 500 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की गई है। नोटिस में जवाब के लिए सात दिन का समय दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। दिशा सालियन की मौत से जुड़ा मामला फिलहाल सीबीआई जांच के अधीन है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
//platform.twitter.com/widgets.js
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.