अधिकारी के अनुसार, आदर्श रूप से ऐसी सामग्री के संज्ञान में आने के दो घंटे के भीतर संबंधित मंत्रालय की ओर से प्रतिक्रिया जारी की जानी चाहिए। इन टीम के साथ मंत्रालयों के सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया दल नियमित रूप से अपने विभाग से संबंधित नीतियों, योजनाओं, कार्यक्रमों, निर्णयों और घोषणाओं की ऑनलाइन निगरानी करेंगे। ऐसी कोई भी सामग्री जो फर्जी, भ्रामक, तथ्यात्मक रूप से गलत, छेड़छाड़ वाली, संदर्भ से बाहर या जनता में भ्रम पैदा करने वाली प्रतीत होगी, उसे तत्काल क्यूआरटी के संज्ञान में लाया जाएगा।
इसे भी पढ़ें: Asish Banerjee की मौत पर भड़के Abhishek Banerjee, मीडिया ट्रायल पर जताई कड़ी आपत्ति
क्यूआरटी संबंधित सूचना का सत्यापन कर वास्तविक तथ्य सामने रखेगी और जरूरत पड़ने पर पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की ‘फैक्ट चेक’ इकाई के साथ समन्वय करेगी। अधिकारी ने बताया कि अत्यधिक वायरल सामग्री, महत्वपूर्ण जनहित से जुड़े मामलों, संवेदनशील नीतिगत मुद्दों, संभावित जनहानि, कानूनी पहलुओं, संगठित दुष्प्रचार अभियानों या एक से अधिक मंत्रालयों से जुड़े मामलों को उचित वरिष्ठ स्तर पर भेजा जाएगा। सरकार का उद्देश्य सोशल मीडिया पर नागरिकों के साथ रचनात्मक संवाद बढ़ाने के साथ-साथ गलत और भ्रामक सूचनाओं का तेज, तथ्यात्मक और समन्वित तरीके से खंडन सुनिश्चित करना है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.