इंटरनेशन मार्केट में भी सस्ता हुआ सोना
अमेरिकी सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिर गईं। इसकी मुख्य वजह यह है कि अमेरिका और ईरान के बीच जवाबी हमले रुक गए हैं, जिससे भू-राजनीतिक तनाव कम हुआ है और सुरक्षित निवेश की मांग घट गई है।
सोने-चांदी के दाम गिरने की वजहें
फेड की बैठक और ब्याज दरों पर नजर: बाजार की नजर 29 जुलाई को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) की नीति बैठक पर भी है। उम्मीद जताई जा रही है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को मौजूदा 3.50%-3.75% की रेंज में ही स्थिर रखेगा।
ट्रेडर्स की नजर इन आंकड़ों पर: कारोबारी फेड चेयरमैन केविन वार्श के बयानों के साथ-साथ इस सप्ताह आने वाले अमेरिकी जीडीपी और पीसीई मुद्रास्फीति (PCE inflation) के आंकड़ों पर बारीकी से नजर रखेंगे, ताकि ब्याज दरों की आगे की दिशा का कोई संकेत मिल सके।
तेल की कीमतों में भी गिरावट: दूसरी तरफ, मध्य पूर्व संघर्ष में तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतें और नीचे आ गईं। ब्रेंट क्रूड 2% से ज्यादा गिरकर लगभग 86 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया।
अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत की स्थिति: ईरान और अमेरिका ने 26 जुलाई को अपने हमले रोक दिए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है और संभावित समझौता हो सकता है। हालांकि, ईरान ने वाशिंगटन के साथ किसी भी सीधी बातचीत से साफ इनकार कर दिया है।
क्या कह रहे एक्सपर्ट्स
इंडसइंड सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक जिगर त्रिवेदी ने कहा, “सोने पर दबाव बना हुआ है, क्योंकि इस बात की आशंका बनी है कि फेडरल रिजर्व जुलाई में ब्याज दरें बढ़ा सकता है। साथ ही, ट्रंप के इस बयान ने कि अमेरिका मध्य पूर्व संघर्ष खत्म करने के लिए ईरान से बातचीत कर रहा है, तेल की कीमतें गिरा दीं और मुद्रास्फीति की चिंता कम कर दी, जिससे सोने की कीमतों पर नकारात्मक असर पड़ा है।”
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