क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट?
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड में संपत्ति प्रबंधन मामलों के रिसर्च हेड, सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि घरेलू चांदी की कीमत जनवरी के चार लाख रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक के उच्चतम स्तर से 40 प्रतिशत से अधिक टूटकर लगभग 2.3 लाख-2.4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई हैं। लेकिन निवेश की मांग कम बनी हुई है, जिससे डीलरों के पास मौजूद स्टॉक को लेकर चिंता बढ़ रही है। उन्होंने कहा, ‘अगर मांग में सुधार नहीं होता है, तो भारतीय डीलर के लगभग 2,000 टन चांदी के ऑर्डर से स्टॉक का बोझ और बढ़ सकता है।’
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर एक्सपर्ट (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा, ‘व्यापारी अगस्त (अमेरिकी) की महत्वपूर्ण गैर-कृषि पेरोल रिपोर्ट से पहले सतर्क रुख अपना रहे हैं, जिससे बाजार में कीमत एक सीमित दायरे में बनी हुई है।’
गांधी ने कहा कि बाजार का ध्यान अमेरिकी रोजगार के आंकड़ों पर पूरी तरह केंद्रित है। इसके बाद अगले सप्ताह महंगाई के आंकड़े आएंगे, जिनसे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के नजरिए के बारे में और संकेत मिलेंगे। उन्होंने कहा, ”उम्मीद से कमजोर आंकड़े, डॉलर की गिरावट को और बढ़ा सकता है और सोने को सहारा दे सकता है, जबकि बेहतर आंकड़े या फेडरल रिजर्व की ओर से सख्त रुख के नए संकेतों से ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें फिर से जाग सकती हैं और कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।”
बता दें, वैश्विक स्तर पर, हाजिर सोना मामूली रूप से टूटकर 4,465.34 डॉलर प्रति औंस रह गया, जबकि चांदी 0.38 प्रतिशत गिरकर 66.72 डॉलर प्रति औंस पर रही।
(यह निवेश की सलाह नहीं है। सोने और चांदी की कीमतों में तेजी और गिरावट के पीछे कई कारण होते हैं। लाइव हिन्दुस्तान यहां प्रस्तुत जानकारी क आधार पर निवेशक करने की सलाह नहीं देता है।)
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