- कॉपी लिंक
BCCI अगले फ्यूचर टूर प्रोग्राम में खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त आराम और विदेशी परिस्थितियों में ढलने का समय चाहता है। खासतौर पर SENA देशों (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) के टूर से पहले खिलाड़ियों को प्रैक्टिस और फ्रेंडली मैच के लिए समय देने की योजना है।
BCCI अपने FTP मैनेजर्स को इसी के अनुसार अगले FTP की योजना बनाने के निर्देश देगा। बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने गुरुवार को भारतीय टीम की रिव्यू मीटिंग के बाद यह जानकारी दी।
22-23 सितंबर को दुबई में होगी FTP वर्कशॉप
2027 से 2031 के इंटरनेशनल क्रिकेट शेड्यूल पर चर्चा के लिए 22 और 23 सितंबर को दुबई में वर्कशॉप होगी। इसमें सभी क्रिकेट बोर्ड की ऑपरेशंस टीमें हिस्सा लेंगी। BCCI भी अपनी टीम भेजेगा। वर्कशॉप में टॉप-8 एसोसिएट देशों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है।
सैकिया ने कहा, हमारे सामने चुनौती यह है कि साल में बहुत ज्यादा मैच हो रहे हैं। इसलिए अगले FTP में हम कुछ बदलाव और उपाय करेंगे। हमने अपने FTP से जुड़े लोगों को निर्देश दिया है कि ऐसा शेड्यूल तैयार किया जाए, जिसमें खिलाड़ियों को पर्याप्त आराम मिले। SENA देशों में किसी बड़ी सीरीज से पहले उन्हें वहां की परिस्थितियों में ढलने का समय या फ्रेंडली मैच भी मिलें।”
BCCI के FTP मैनेजर्स को मौजूदा बाइलैटरल सीरीज और ICC टूर्नामेंट्स के बीच शेड्यूल में खाली जगह बनानी होगी। हालांकि, अगले कुछ सालों में भारत का कार्यक्रम पहले से ही काफी व्यस्त है।

BCCI की रिव्यू मीटिंग 3 सितंबर को मुंबई में हुई, जिसमें बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया भी शामिल हुए।
2028 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के दौरे
भारत 2028 की शुरुआत में इंग्लैंड की मेजबानी करेगा। दोनों टीमों के बीच पांच टेस्ट खेले जाएंगे। इसी साल के अंत में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगी। इसके बाद रिटर्न सीरीज होंगी। भारत के 2029 में इंग्लैंड दौरे और 2031 में ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी का कार्यक्रम बनाया गया है।
FTP में ICC टूर्नामेंट और WTC की भी व्यस्तता
2027-31 के FTP के दौरान कई बड़े ICC टूर्नामेंट भी होंगे। 2028 का टी-20 वर्ल्ड कप ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड, 2029 की चैंपियंस ट्रॉफी भारत और 2030 का टी-20 वर्ल्ड कप इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और आयरलैंड में होगा। 2031 का वनडे वर्ल्ड कप भारत और बांग्लादेश में खेला जाएगा।
इसके अलावा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के मुकाबले भी होंगे। भारत को इसके लिए साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज का दौरा करना पड़ सकता है, जबकि श्रीलंका और एक अन्य टीम की मेजबानी संभावित है। इन सभी शेड्यूल के बीच खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त गैप बनाना BCCI के लिए बड़ी चुनौती होगी।
बाइलैटरल सीरीज की जगह मल्टीलेटरल क्रिकेट पर जोर
क्रिकबज के मुताबिक, अगले इंटरनेशनल कैलेंडर में मल्टीलेटरल मैचों की संख्या बढ़ सकती है।ट्राई सीरीज लगभग चलन से बाहर हो चुके हैं। हालांकि, पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। फिलहाल नामीबिया में मेजबान टीम, साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे के बीच टी-20 ट्राई सीरीज खेली जा रही है।
2019 वर्ल्ड कप के बाद से अब तक सिर्फ एक वनडे ट्राई सीरीज हुई है। इसमें न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और पाकिस्तान शामिल थे। यह सीरीज 2025 चैंपियंस ट्रॉफी से पहले खेली गई थी।
भारत ने 2011 के बाद चार ट्राई सीरीज खेलीं
भारत ने 2011 वर्ल्ड कप के बाद से चार ट्राई सीरीज खेली हैं। 2011-12 में ऑस्ट्रेलिया में हुई सीरीज में श्रीलंका तीसरी टीम थी। 2013 में वेस्टइंडीज में हुई सीरीज में श्रीलंका तीसरी टीम थी, जबकि 2014-15 में ऑस्ट्रेलिया में हुई ट्राई सीरीज में इंग्लैंड शामिल था।
भारत की सबसे हालिया ट्राई सीरीज 2018 की निदहास ट्रॉफी थी, जिसमें बांग्लादेश और श्रीलंका शामिल थे। फाइनल में दिनेश कार्तिक ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई थी। पहली तीन सीरीज वनडे थीं, जबकि निदहास ट्रॉफी टी-20 टूर्नामेंट थी।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
