Gold Price Outlook: सोने की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से तेजी देखने को मिल रही है. हालांकि, यह उतार-चढ़ाव लगातार जारी है. निवेशक इस बात को लेकर चिंता में हैं कि, सोने की चाल आगे कैसी रहने वाली है? विषय की समझ रखने वाले जानकारों का मानना है कि सोने की कीमतों में आया यह उछाल सिर्फ अस्थायी तेजी नहीं है. बल्कि ये वैश्विक वित्तीय प्रणाली में स्थायी बदलाव का संकेत हो सकती है.
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने इस पर अपनी ताजा रिपोर्ट जारी की है. फर्म के अनुसार, सोने में आई यह तेजी निवेशकों और केंद्रीय बैंकों की बदलती सोच को दर्शाती हैं….
बदलती आर्थिक चिंताओं के बीच सोने की खरीद बढ़ी
सोने की कीमतों का रुख वास्तविक ब्याज दरों के उलटा माना जाता है. लेकिन 2023 से 2025 के दौरान पॉजिटिव ब्याज दरों के बावजूद सोने में तेजी देखने को मिली. रिपोर्ट के मुताबिक निवेशक अब केवल ब्याज दरों पर निर्भर नहीं हैं. बल्कि वे वित्तीय स्थिरता और बढ़ते कर्ज दबाव जैसी वजहों पर भी ध्यान दे रहे हैं.
मोतीलाल ओसवाल के एनालिस्ट मनव मोदी का कहना है कि सोना अब महंगाई से बचाव के साथ-साथ भविष्य में पैदा होने वाली आर्थिक और वित्तीय संकट के समय पूंजी को सुरक्षित रखने का माध्यम भी बन रही है. जिससे निवेशक इसकी खरीदारी कर रहे हैं.
देश में बढ़ रही सोने की मांग
दुनिया में सोने का उत्पादन सीमित है और नए खनन प्रोजेक्ट शुरू करने में समय और खर्च दोनों ज्यादा लगते हैं. दूसरी तरफ भारत सहित कई उभरते बाजारों में मुद्रा कमजोर होने से सोने की कीमतें बढ़ी हैं. साथ ही देश में सोने की मांग भी बनी हुई है. गोल्ड ETF में निवेश दोबारा बढ़ रहा है. इन सभी कारणों से सोने के दाम स्थिर बने हुए है.
सोना निवेशकों के लिए अब भी सुरक्षित निवेश
वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितताओं और अमेरिकी टैरिफ, व्यापार विवादों से निवेशकों का भरोसा एक बार फिर सोने की तरफ लौट रहा है. फर्म की रिपोर्ट के अनुसार, स्थिर महंगाई और मौजूदा हालात में सोना सुरक्षित निवेश बन गया है. साथ ही केंद्रीय बैंक लगातार सोने की खरीदारी कर रहे हैं. जिससे इसकी कीमतों को सपोर्ट मिला है.
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