इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर ज्योफ्री बॉयकॉट का मानना है कि हैरी ब्रूक में सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा जैसा टैलेंट है। हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हें अपनी सोच और शॉट सिलेक्शन में सुधार करना होगा। बॉयकॉट ने बताया कि पिछले साल ब्रूक के अंकल हेडिंग्ले में उनसे मिले थे। उन्होंने बल्लेबाज की टेस्ट क्रिकेट में एकाग्रता सुधारने के लिए सलाह मांगी थी। बॉयकॉट ने मदद की पेशकश करते हुए अपना नंबर दिया, लेकिन इसके बाद ब्रूक की ओर से कोई संपर्क नहीं हुआ। बॉयकॉट बोले- ब्रूक के शॉट उन्हें खास बनाते हैं बॉयकॉट ने अपने पॉडकास्ट में कहा कि उन्होंने लंबे समय से किसी बल्लेबाज में ब्रूक जैसी प्रतिभा नहीं देखी। उनकी टाइमिंग, शॉट खेलने की क्षमता और लंबी पहुंच उन्हें खास बनाती है। उन्होंने कहा कि अगर ब्रूक इसी तरह खेलते रहे तो उनका करियर अच्छा रहेगा। लेकिन बेहतर सोच के साथ वे लारा और तेंदुलकर जैसे बल्लेबाजों की लिस्ट में पहुंच सकते हैं। पहली गेंद से हमला करने की आदत से नाराज बॉयकॉट ने ब्रूक के टेस्ट क्रिकेट में खेलने के तरीके की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ब्रूक वनडे और टी-20 की तरह टेस्ट में भी हर गेंद पर अटैक करने की कोशिश करते हैं। उनके मुताबिक, ब्रूक गेंद को पर्याप्त समय नहीं देते। पहली गेंद से ही शॉट खेलने की कोशिश करते हैं। इसी वजह से वे मिड-ऑफ या मिड-ऑन जैसे फील्डिंग पोजिशन पर कैच दे सकते हैं। टेस्ट में एक साल से शतक नहीं लगाया ब्रूक पिछले एक साल से टेस्ट में शतक नहीं लगा सके हैं। हालांकि वे दुनिया के नंबर-1 टेस्ट बल्लेबाज हैं और उनका टेस्ट औसत 53 का है। उन्होंने 2024 में मुल्तान टेस्ट में 317 रन की पारी खेली थी। यह इंग्लैंड की ओर से 30 साल से ज्यादा समय बाद आया पहला टेस्ट तिहरा शतक था। बॉयकॉट ने बाजबॉल पर भी साधा निशाना बॉयकॉट ने इंग्लैंड की बैजबॉल शैली की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि टीम को सिर्फ दर्शकों का मनोरंजन करने के बजाय जीत पर ध्यान देना चाहिए।
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