अभिजीत पाटील ने महज 22 साल की उम्र में UPSC पास कर IPS अधिकारी बनने का रिकॉर्ड बनाया है। इसी के साथ अभिजीत हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं उनका जन्म 11 जून 1999 को महाराष्ट्र के ठाणे में हुआ।
कौन हैं Gen Z आईपीएस अभिजीत पाटिल
अभिजीत पाटील ने महज 22 साल की उम्र में UPSC पास कर IPS अधिकारी बनने का रिकॉर्ड बनाया है। इसी के साथ अभिजीत हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं उनका जन्म 11 जून 1999 को महाराष्ट्र के ठाणे में हुआ। उन्होंने सिविल और एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। बीटेक के अंतिम वर्ष में ही उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की। खास बात यह रही कि उन्होंने किसी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया, बल्कि सेल्फ-स्टडी पर भरोसा किया।
डिग्री आने से पहले प्रीलिम्स एग्जाम किया था क्वालीफाई
उनकी कहानी की एक खास बात यह भी है कि उन्होंने कॉलेज की डिग्री आने से पहले यूपीएससी सिविल सर्विसेज प्रीलिम्स एग्जाम क्वालीफाई कर लिया था, जो उनकी असाधारण योग्यता को दर्शाता है। ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है। बता दें कि फाइनल ईयर स्टूडेंट यूपीएससी प्रीलिम्स दे सकते हैं, बशर्ते यूपीएससी मेन्स का फॉर्म भरने की लास्ट डेट से पहले ग्रेजुएशन पूरी होनी चाहिए और आपके पास पासिंग सर्टिफिकेट हो। क्योंकि यूपीएससी मेन्स DAF-I फॉर्म भरते समय ग्रेजुएशन की डिटेल्स मांगी जाती है।
इतने घंटे करते थे पढ़ाई
अक्सर माना जाता है कि यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा पास करने के लिए महंगी कोचिंग, लाखों रुपये का खर्च और कई वर्षों की तैयारी जरूरी होती है। लेकिन अभिजीत पाटील ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया। उन्होंने बिना किसी कोचिंग की मदद लिए केवल इंटरनेट, किताबों और सेल्फ स्टडी के भरोसे यूपीएससी की तैयारी की। महज 8 महीनों तक रोजाना करीब 8 घंटे पढ़ाई कर उन्होंने परीक्षा में सफलता हासिल की।
अभिजीत पाटील के यूपीएससी रैंक
उनकी मेहनत और जुनून आखिरकार रंग लाई। उन्होंने ओबीसी कैटेगरी से यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में 470वीं ऑल इंडिया रैंक (UPSC AIR) हासिल की थी। उन्हें में यूपीएससी मेन एग्जाम में 772 (1750 में से) और इंटरव्यू में 180 (275 में से) नंबर यानी 2025 में से 952 अंक मिले थे। अभिजीत की यह जर्नी साबित करती है कि अगर इरादा पक्का और मेहनत पूरी हो तो कम उम्र या बड़े संसाधन मायने नहीं रखते। आपकी उम्र आपकी सफलता के आड़े नहीं आ सकती।
पहली फील्ड पोस्टिंग
इसी तरह वो महज 22 साली की उम्र में राजस्थान कैडर के IPS बने। SVPNPA हैदराबाद में प्रशिक्षण के बाद चूरू राजगढ़ में यह उनकी पहली फील्ड पोस्टिंग है। यहां वो अपने काम के लिए अक्सर सुर्खियों में भी रहते है। ऐसे में उनकी कहानी यह बताती है कि अगर मेहनत सच्ची हो और लक्ष्य साफ हो, तो कोई भी परीक्षा मुश्किल नहीं होती।
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