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आपके किचन में रखा चाकू अगर जंग खा गया है तो उसे तुरंत हटाएं। जंग लगा या टूटा-फूटा चाकू फूड कंटैमिनेशन की वजह बन सकता है।
अगर चाकू पर जंग लगी हो, उसका ब्लेड टूटा हो, किनारे खुरदरे हों या उस पर पेंट और गंदगी की परत जमी हो, तो उसके कण खाने में मिल सकते हैं। जंग के कण, बैक्टीरिया और धातु के सूक्ष्म टुकड़ों के खाने में मिलने से हेल्थ रिस्क हो सकता है।
इसे लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देशभर के फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) के लिए एडवाइजरी जारी की है। उन्हें जंग लगे, क्षतिग्रस्त और गैर-फूड ग्रेड चाकू व कटिंग उपकरणों का इस्तेमाल तुरंत बंद करने की सलाह दी है।
हालांकि यह एडवाइजरी फूड बिजनेस ऑपरेटर्स के लिए है, लेकिन इससे हर घर के किचन के लिए भी एक जरूरी सीख मिलती है।
इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में FSSAI के चाकू के बारे में दिए निर्देश पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि –
- जंग लगा चाकू फूड कंटैमिनेशन का खतरा कैसे बढ़ाता है?
- इससे क्या हेल्थ रिस्क हो सकते हैं?
- घर में फूड सेफ्टी के लिए किन बातों का ध्यान रखें?
एक्सपर्ट: डॉ. कपिल कुमार कुर्सीवाल, सीनियर कंसल्टेंट, जीआई सर्जरी एंड जीआई ऑन्कोलॉजी, धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशिएलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली
सवाल- FSSAI ने जंग लगे चाकुओं पर रोक क्यों लगाई है?
जवाब- सुरक्षित फूड स्टैंडर्ड बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है क्योंकि जंग लगे चाकू से–
- फूड सेफ्टी और हाइजीन प्रभावित होती है।
- खाने में जंग और मेटल के कण मिल सकते हैं।
- भोजन दूषित हो सकता है।
- भोजन में बैक्टीरिया पनप सकते हैं।
- सेहत को नुकसान हो सकता है।
सवाल- किस तरह के चाकुओं और उपकरणों पर FSSAI ने चिंता जताई है?
जवाब- FSSAI के मुताबिक, कई फूड बिजनेस ऑपरेटर्स ऐसे चाकू और कटिंग उपकरण इस्तेमाल कर रहे थे, जो भोजन को दूषित कर सकते हैं। ग्राफिक में देखिए, किन उपकरणों के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी गई है।

सवाल- जंग लगे चाकू से कटा खाना क्यों खतरनाक है?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- फूड कंटैमिनेशन: जंग और मेटल के सूक्ष्म कण खाने में मिल सकते हैं।
- बैक्टीरियल ग्रोथ: जंग लगी और खुरदरी सतह पर बैक्टीरिया आसानी से पनप सकते हैं।
- क्रॉस-कंटैमिनेशन: अगर चाकू ठीक से साफ न हो तो एक फूड के जर्म्स दूसरे में पहुंच सकते हैं।
- फिजिकल कंटैमिनेशन: चाकू के टूटे या चिप्ड हिस्सों के छोटे कण खाने में मिल सकते हैं।
इन्हीं कारणों से FSSAI ने फिजिकल, केमिकल और माइक्रोबायलॉजिकल कंटैमिनेशन की आशंका जताई है।

सवाल- जंग लगे चाकू से खाना काटने से कौन-सी हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं?
जवाब- फूड कंटैमिनेशन बढ़ने पर कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। ग्राफिक में सभी हेल्थ प्रॉब्लम्स देखिए-

सवाल- किन लोगों को सबसे ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?
जवाब- कुछ लोगों में संक्रमण और कॉम्प्लिकेशन का खतरा दूसरों की तुलना में ज्यादा होता है। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- चाकू पर जंग क्यों लगती है?
जवाब- इसके कई कारण हैं। जैसे-
चाकू पर नमी रहना
- चाकू पर पानी की बूंदें रह जाती हैं।
- इससे ब्लेड पर जंग बनने लगती है।
चाकू का हवा के संपर्क में रहना
- हवा में मौजूद ऑक्सीजन ब्लेड से रिएक्शन करती है।
- इससे जंग की परत बनती है।
नमक वाली चीजें काटना
- नमक ब्लेड पर केमिकल रिएक्शन बढ़ाता है।
- इससे जंग जल्दी लग सकती है।
नींबू-टमाटर जैसी चीजें काटना
- इनके एसिड ब्लेड की सतह को प्रभावित करते हैं।
- इससे जंग लगने का रिस्क बढ़ता है।
चाकू को ठीक से साफ न करना
- ब्लेड पर भोजन के कण और नमी रह जाती है।
- इससे जंग लगने की संभावना बढ़ती है।
ब्लेड पर खरोंच या घिसाव होना
- ब्लेड की सेफ्टी लेयर कमजोर हो जाती है।
- इससे जंग जल्दी लग सकती है।
चाकू को गलत तरीके से स्टोर करना
- गीली या नम जगह पर रखने से जल्दी जंग लगती है।
सवाल- घर में इस्तेमाल होने वाले चाकू कब बदलने चाहिए?
जवाब- कुछ संकेत बताते हैं कि अब चाकू बदलने का समय आ गया है। नीचे ग्राफिक में सभी संकेत देखिए-

सवाल- जंग लगे चाकू से कौन-से फूड आइटम्स ज्यादा प्रभावित होते हैं?
जवाब- ये फूड आइटम्स ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं-
1. फल और सब्जियां
जैसे- सेब, तरबूज, खीरा, टमाटर, सलाद पत्ते आदि।
2. मीट, मछली और चिकन
इन फूड आइटम्स में नमी और प्रोटीन ज्यादा होता है, जिससे बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं।
3. खट्टे फल और एसिडिक फूड्स
जैसे- नींबू, संतरा, अनानास, टमाटर आदि। इनमें मौजूद एसिड जंग लगी सतह के साथ रिएक्शन कर सकता है।
4. रेडी टू ईट फूड
जैसे- सैंडविच, केक, फ्रूट चाट, सलाद, ब्रेड आदि क्योंकि इन्हें बाद में पकाया नहीं जाता।
5. अधिक नमी वाले फूड
जैसे- पनीर, टोफू, उबली सब्जियां और कटे हुए फल।
सवाल- क्या जंग को घिसकर हटाने के बाद चाकू सुरक्षित हो जाता है?
जवाब- पॉइंटर्स में समझिए-
- यह इस बात पर निर्भर करता है कि जंग कितनी गहरी है।
- अगर चाकू पर सिर्फ सतही जंग है और उसे हटाकर चाकू को अच्छे से सैनिटाइज कर दिया गया है, तो ठीक है।
- अगर जंग के कारण सतह खुरदरी हो गई है या ब्लेड में गड्ढे बन गए हैं तो चाकू को बदल देना चाहिए।
- जंग हटाने के बाद भी ब्लेड पर सूक्ष्म दरारें, खांचे या खुरदुरापन रह सकता है। ये जगहें बैक्टीरिया और गंदगी के छिपने के लिए अनुकूल होती हैं।
सवाल- क्या स्टेनलेस स्टील के चाकू में भी जंग लग सकती है?
जवाब- हां, कुछ कंडीशंस में ऐसा हो सकता है। जैसेकि-
- चाकू को लंबे समय तक गीला छोड़ देना।
- लंबे समय तक नमक, नींबू, सिरका या अन्य एसिडिक सब्सटेंस के संपर्क में रखना।
- धोने के बाद ठीक से न सुखाना।
- सतह पर खरोंच होना।
- स्टेनलेस स्टील की क्वालिटी खराब होना।
सवाल- चाकू पर जंग लगने के शुरुआती संकेत क्या हैं?
जवाब- जंग लगने से पहले ही कुछ ऐसे संकेत दिखने लगते हैं, जिन्हें पहचानकर चाकू को खराब होने से बचाया जा सकता है। सभी शुरुआती संकेत ग्राफिक में देखिए-

सवाल- चाकू को जंग से बचाने के लिए क्या करें?
जवाब- थोड़ी-सी सावधानी और सही रख–रखाव से चाकू लंबे समय तक सुरक्षित रहता है। ग्राफिक में बचाव के सभी टिप्स देखिए-

सवाल- लोग घर में फूड सेफ्टी कैसे सुनिश्चित करें?
जवाब- इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जैसे-
- खाना बनाने से पहले साबुन से हाथ धोएं।
- साफ और सूखे बर्तनों का इस्तेमाल करें।
- जंग लगे या टूटे उपकरण इस्तेमाल न करें।
- फल-सब्जियां अच्छी तरह धोएं।
- कच्चे और पके भोजन को अलग रखें।
- भोजन को सही टेम्परेचर पर स्टोर करें।
- फूड की एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें।
- रसोई और कटिंग बोर्ड की नियमित सफाई करें।
- बचा हुआ भोजन तुरंत फ्रिज में रखें।
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