मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरी कार्रवाई SDP इंडस्ट्रीज के खिलाफ की गई है। कंपनी के श्रद्धा, श्री सरस और गोकुल नाम से बेचे जाने वाले घी के कई वैरिएंट जांच के घेरे में आए। FSSAI ने बताया कि इन उत्पादों के सैंपल की प्रयोगशाला जांच में A-sitosterol पाया गया। यह एक तरह का प्लांट स्टेरोल है, जो सामान्य तौर पर शुद्ध घी में मौजूद नहीं होना चाहिए। इसके अलावा सैंपल में फैटी-एसिड कंपोजिशन से जुड़ी भी विसंगतियां मिलीं। नियामक के अनुसार इन नतीजों से घी में बाहरी या वनस्पति वसा की संभावित मौजूदगी को लेकर चिंता पैदा हुई है।
FSSAI ने SDP इंडस्ट्रीज को निर्देश दिया है कि वह अपने अधिकृत परिसरों से निर्मित, स्टोर या बेचे जा रहे संबंधित घी के सभी वेरिएंट की बिक्री तुरंत रोक दे। इन उत्पादों को आगे के आदेश तक बाजार में नहीं उतारा जा सकेगा और ग्राहकों को भी नहीं बेचा जा सकेगा। हालांकि, उपभोक्ताओं के लिए यह समझना जरूरी है कि नियामक की कार्रवाई सैंपल जांच और कथित गैर-अनुपालन के आधार पर की गई है; अंतिम स्थिति संबंधित कानूनी और नियामकीय प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
यह कार्रवाई FSSAI की व्यापक जांच मुहिम का हिस्सा है। नियामक ने हाल के महीनों में भ्रामक विज्ञापन, गलत दावे और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन को लेकर 150 से अधिक नोटिस जारी किए हैं। इस अभियान के दायरे में कई बड़ी खाद्य और पेय कंपनियां भी आई हैं। FSSAI ने ई-कॉमर्स कंपनियों को भी नोटिस जारी किए हैं और एक अमेजन (Amazon) वेयरहाउस का लाइसेंस रद्द किए जाने की जानकारी दी है। इसके अलावा KFC, McDonald’s, पिज्जा हट (Pizza Hut) और कॉस्टा कॉफी (Costa Coffee) जैसे फूड सर्विस कारोबारों को भी नोटिस दिए गए हैं।
ऐसे में आम ग्राहकों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि घी या किसी भी पैकेज्ड खाद्य उत्पाद को खरीदते समय लेबल, FSSAI लाइसेंस डिटेल, पैकिंग और उत्पाद की जानकारी जरूर जांचें। अगर किसी उत्पाद की गुणवत्ता या पैकेजिंग को लेकर संदेह हो तो उसका इस्तेमाल करने से बचना बेहतर है। FSSAI की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर नियामक की निगरानी और कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है।
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