अगर आप रोज रात 9 बजे के बाद खाना खाते हैं, तो खाने का यह समय आपकी सेहत के लिए कितना सही है? फोर्टिस के डॉक्टर ने देर से खाना खाने और दिल की सेहत के बीच संबंध समझाया है।
दिनभर काम के बाद रात का खाना अक्सर सबसे आखिर में आता है। कई लोग तो रात में भूख लगने का इंतजार करते-करते 9 या 10 बजा देते हैं। लेकिन क्या रोज देर से खाना आपकी सेहत के लिए ठीक है? खासकर दिल की सेहत के लिए डिनर का समय कितना जरूरी है? फोर्टिस अस्पताल, नोएडा के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. संजीव गेरा ने इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि हम क्या खाते हैं के साथ-साथ कब खाते हैं, अब इस बात पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा एक स्टडी में भी देर से खाना खाने और दिल से जुड़ी कुछ बीमारियों के बीच संबंध देखा गया है।
शरीर की अपनी एक घड़ी होती है
हमारा शरीर अपने एक तय समय के हिसाब से काम करता है। इसे शरीर की अंदरूनी घड़ी कह सकते हैं। यह हमारी नींद, हार्मोन, बीपी और खाना पचाने जैसी कई चीजों को संभालने में मदद करती है। डॉ. संजीव गेरा के अनुसार, जब हम रोज बहुत देर से या अलग-अलग समय पर खाना खाते हैं, तो शरीर की यह घड़ी प्रभावित हो सकती है। इससे शरीर में शुगर को संभालने और इंसुलिन के काम करने के तरीके पर असर पड़ सकता है।
रात 9 बजे के बाद खाना खाने पर क्या देखा गया?
डॉक्टर ने साल 2023 की एक स्टडी का हवाला दिया। इसमें एक लाख से ज्यादा लोगों के खाने के समय और दिल से जुड़ी बीमारियों के बीच संबंध देखा गया। उसमें पाया गया कि जिन लोगों का आखिरी खाना रात 9 बजे के बाद होता था, उनमें दिमाग तक खून पहुंचने से जुड़ी बीमारियों का खतरा उन लोगों की तुलना में ज्यादा देखा गया, जो रात 8 बजे से पहले खाना खाते थे। इन बीमारियों में स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या भी शामिल है, जिसमें दिमाग तक खून का प्रवाह प्रभावित हो जाता है।
क्या देर से खाना दिल की बीमारी का कारण है?
यहां एक जरूरी बात समझना बहुत जरूरी है। सिर्फ रात 9 बजे के बाद खाना खाने से दिल की बीमारी होती है, ऐसा नहीं कहा जा सकता। डॉक्टर ने जिस स्टडी के बारे में बात की है, वह लोगों की आदतों और बीमारी के बीच संबंध देखने वाली थी। इसमें यह नहीं साबित हुआ कि देर से खाना सीधे तौर पर बीमारी का कारण बनता है। यानी अगर आप कभी-कभी देर से खाना खाते हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन रोज देर रात खाना और सोने का समय भी देर होना लंबे समय में अच्छी आदत नहीं मानी जा सकती।
देर से डिनर करने वालों की एक और आदत
देर से खाना खाने वालों में सिर्फ खाने का समय ही अलग नहीं था। ऐसे लोगों में देर से सोने और रोज अलग-अलग समय पर खाना खाने जैसी आदतें भी देखी गईं। इसलिए सिर्फ डिनर के समय को देखकर अपनी सेहत के बारे में फैसला नहीं किया जा सकता। पूरी दिनचर्या का भी ध्यान रखना जरूरी है।
तो रात का खाना कब खाना चाहिए?
कोशिश करें कि रात का खाना बहुत देर तक ना टालें। अगर आपकी दिनचर्या ऐसी है कि रात में ही खाना खाना पड़ता है, तो रोज के खाने का समय जितना हो सके एक जैसा रखें। खाना खाने के तुरंत बाद बिस्तर पर जाने से भी बचें।
नोट: रात 9 बजे के बाद खाना खाने की आदत है तो इसे धीरे-धीरे थोड़ा पहले करने की कोशिश कर सकते हैं। रोज एक तय समय पर खाना और समय पर सोना शरीर की रोज की दिनचर्या को बेहतर रखने में मदद कर सकता है।
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