स्पेन ने 2026 फीफा वर्ल्ड कप के तीन अहम व्यक्तिगत अवॉर्ड्स भी अपने नाम किए। मिडफील्ड के उस्ताद रोड्री ने शानदार खेल के लिए गोल्डन बॉल जीता। गोलकीपर उनाई सिमोन ने गोल्डन ग्लव हासिल किया, जिन्होंने 7 मैचों में बिना गोल खाए रिकॉर्ड बना दिया। इससे पहले कोई खिलाड़ी ऐसा 5 से ज्यादा बार नहीं कर पाया था। वहीं, 19 साल के युवा सनसनी पाउ कुबारसी ने बेस्ट यंग प्लेयर का अवॉर्ड जीता। ऐसा सिर्फ दूसरी बार हुआ, जब चैम्पियन टीम ने ये तीन मेजर अवार्ड्स भी जीते। 2022 में अर्जेंटीना ने भी ऐसा किया था। जानिए स्पेन के इन खिलाड़ियों की कहानियां… रोड्री – करोड़पति खिलाड़ी, लेकिन आम इंसान जैसी जिंदगी, सेकंड हैंड कार खरीदी 30 साल के रोड्री सादगी के लिए मशहूर हैं। स्पेन के टॉप लेवल फुटबॉल में खेलने के बावजूद उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के लिए एक सामान्य यूनिवर्सिटी हॉस्टल में रहना जारी रखा। दिखावे की जिंदगी से दूर, उन्होंने एक बुजुर्ग महिला से पुरानी कार खरीदी थी। उनका मानना है कि कार का मकसद सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह जाना है, दिखावा करना नहीं। रोड्री सोशल मीडिया से दूर रहते हैं। उनके शरीर पर कोई टैटू नहीं है। मॉडर्न और फैशनेबल फुटबॉलर्स के बीच वह पुराने जमाने के दिग्गजों की तरह हमेशा अपनी जर्सी (शर्ट) शॉर्ट्स के अंदर (टक-इन) करके खेलते हैं। उनकी गर्लफ्रेंड लौरा कोई सुपरमॉडल नहीं बल्कि मेडिकल की छात्रा हैं। दोनों की मुलाकात यूनिवर्सिटी हॉस्टल में ही हुई थी। पाउ कुबारसी – बढ़ई के बेटे, 200 लोगों के गांव से निकले; मैच के बाद होमवर्क 19 वर्षीय पाउ कुबारसी की जड़ें ‘एस्टानयोल’ में हैं, जो 200 से भी कम आबादी वाला एक गांव है। कुबारसी एक बढ़ई (कारपेंटर) परिवार से आते हैं और फुटबॉल स्टार बनने से पहले अपने पिता की लकड़ी की दुकान में हाथ बंटाते थे। उनके माता-पिता अब भी गांव में यह दुकान चलाते हैं। कुबारसी अपने अनुशासन के लिए मशहूर हैं। बार्सिलोना के लिए शुरुआती दिनों में वह मैच के बाद हॉस्टल लौटकर अपना स्कूल का होमवर्क पूरा करते थे। चैम्पियंस लीग में पहला ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ अवॉर्ड जीतने के बाद अगली सुबह वह आम बच्चों की तरह स्कूल पहुंच गए। कुबारसी बचपन में महान स्पेनिश डिफेंडर्स कार्लेस पुयोल और गेरार्ड पिके के टैकल और डिफेंस के वीडियो देखकर सीखते थे। उनाई सिमोन – सोशल मीडिया से दूर, बोले- मेरा काम गोल रोकना, सामान बेचना नहीं 29 साल के उनाई सिमोन चकाचौंध से दूर रहना पसंद करते हैं। इस गोल्डन ग्लव विजेता सिमोन का कोई सोशल मीडिया अकाउंट नहीं है। वह स्पॉन्सरशिप और विज्ञापनों से भी दूरी बनाकर रखते हैं। उनका मानना है कि उनका काम सिर्फ मैदान पर गोल रोकना है, टीवी पर प्रोडक्ट बेचना नहीं। मैदान से फुर्सत मिलते ही वह अपने बचपन के दोस्तों के साथ मछली पकड़ने के लिए होमटाउन ‘मुर्गिया’ चले जाते हैं। मैच से पहले जब बाकी खिलाड़ी तेज संगीत सुनते हैं, तब सिमोन ड्रेसिंग रूम के एक कोने में बैठकर किताबें पढ़ना पसंद करते हैं। उनके सख्त अनुशासन की नींव बचपन में ही पड़ गई थी, क्योंकि पिता पुलिस अधिकारी रहे हैं। वे स्पेन को 2024 में भी यूरो चैम्पियन बना चुके हैं।
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