भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने चीन मास्टर्स का खिताब अपने नाम कर लिया है। इस जीत के बाद दोनों ने कहा कि इससे आगामी एशियाई खेलों से पहले उनका मनोबल काफी बढ़ा है।
एशियाई खेलों के बारे में क्या कहा?
यह खिताबी जीत एशियाई खेलों में इस जोड़ी के अभियान की शुरुआत से कुछ हफ्ते पहले आई है। यह जोड़ी 19 सितंबर से जापान में अपने स्वर्ण पदक की रक्षा करने उतरेगी। एशियाई खेलों के बारे में चिराग ने कहा, ”यह बेहद खास अहसास है। एशियाई खेलों में जाने से ठीक पहले खिताब जीतने से निश्चित रूप से बड़ा बढ़ावा मिलता है। इससे साबित होता है कि हम सही दिशा में मेहनत कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, ”अब हम स्वदेश लौटकर अगले 10 दिनों तक पूरी ताकत झोंक देंगे और एशियाई खेलों में पूरी ताकत के साथ उतरेंगे। हम वहां बिना किसी दबाव के अपने खेल का लुत्फ उठाना चाहते हैं।” पहले गेम में आक्रामकता की कमी के सवाल पर चिराग ने कहा कि समस्या शॉट चयन की थी। उन्होंने कहा, ”पहले गेम में आक्रामकता की कमी नहीं थी बल्कि हम सही स्ट्रोक नहीं खेल पा रहे थे। हम ऐसी शैली में खेल रहे थे जो उनके अनुकूल थी। जब आप चीन के खिलाड़ियों के मनमुताबिक खेलते हैं तो वे बेहद तेज और आक्रामक हो जाते हैं। वे इतने फुर्तीले होते हैं कि आपको संभलने का मौका नहीं देते।”
चिराग ने कहा, ”इसलिए दूसरे गेम में जब हमने शुरुआत की तो हम आक्रामक तो होना चाहते थे लेकिन सोची-समझी रणनीति के साथ। हमारे कोच भी यही कह रहे थे।”
मैच के दौरान अपनी फ्लिक सर्व से कई अंक बटोरने वाले सात्विक ने बताया कि कंधे की चोट से उबरने के दौरान उन्होंने अपनी सर्विस और रिटर्न को काफी सुधारा है। इस चोट ने उन्हें इस सत्र में काफी परेशान किया था।
सात्विक ने कहा, ”ऐसा बहुत कम होता है जब मुझे अपनी सर्विस पर पांच अंक मिलें। आमतौर पर चिराग ही गेम को आगे बढ़ाते हैं। क्वार्टर फाइनल में किम-एंडर्स के खिलाफ मैच ने मुझे काफी आत्मविश्वास दिया।”
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