वैभव सूर्यवंशी ने रविवार को दलीप ट्रॉफी फाइनल में 44 रनों की दमदार पारी खेली। मैच के पहले दिन वैभव स्टेडियम में फैंस से मिले और उन्हें ऑटोग्राफ दिया।
वैभव सूर्यवंशी ने फैंस को दिए ऑटोग्राफ
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में फैंस उन्हें गेंद और शर्ट साइन करने के लिए दे रहे थे। चेन्नई में वैभव पहली बार दर्शकों के सामने आए थे। आईपीएल के दौरान उनकी टीम राजस्थान रॉयल्स खेलने नहीं आई थी। वैभव सूर्यवंशी ने फाइनल में 37 गेंदों का सामना करते हुए 5 चौके और एक छक्का लगाया। उन्होंने 44 रन बनाए। दिन का खेल खत्म होने पर किशन और कुमार कुशाग्र (नाबाद 63) क्रीज पर मौजूद थे। दोनों पांचवें विकेट के लिए 26.4 ओवर में 144 रन की अटूट साझेदारी कर चुके हैं। किशन ने अपनी पारी में 135 गेंद का सामना करते हुए 14 चौके और एक छक्का जड़ा है। पूर्व क्षेत्र के लिए अभिमन्यु ईश्वरन (72) और शिखर मोहन (85) ने भी उपयोगी योगदान दिया।
ईशान किशन का शतक
मैच के दौरान प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 4000 रन पूरे करने वाले किशन ने अपनी पारी में आक्रामकता और संयम का बेहतरीन नमूना पेश किया। उन्होंने मोहन के साथ भी चौथे विकेट के लिए 94 रन जोड़े। दोनों उस समय क्रीज पर साथ आए जब पूर्व क्षेत्र की टीम 147 रन पर तीन विकेट गंवा चुकी थी। दक्षिण क्षेत्र के पास इस समय वापसी करने का मौका था लेकिन किशन और मोहन ने बल्लेबाजों के अनुकूल पिच पर विरोधी गेंदबाजों को निराश किया।
किशन ने मैदान के चारों ओर शॉट लगाए जिसमें उनके दमदार पुल और बेहतरीन कवर ड्राइव शामिल थे। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 71 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और फिर अगली 50 गेंद में अपना 10वां प्रथम श्रेणी शतक पूरा कर लिया। उन्होंने अपना 100वां प्रथम श्रेणी मैच खेल रहे श्रेयस गोपाल की गेंद पर चौका जड़कर यह मुकाम हासिल किया। दूसरे छोर पर 21 वर्षीय मोहन ने अपनी उम्र से कहीं अधिक परिपक्वता दिखाई। उनकी पारी की सबसे खास बात ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंदों को छोड़ने का उनका शानदार निर्णय रहा। पूरी पारी के दौरान गेंदबाज एक बार भी उन्हें चकमा नहीं दे पाए।
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