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घलेनोई ने कहा कि आज मैच के बाद उन्होंने हमसे कहा, ‘आपको तुरंत निकलना होगा।’ जबकि आज हमारे लिए रिकवरी बहुत ज़रूरी है। कोच ने इस फ़ैसले पर सवाल उठाए और कहा कि टूर्नामेंट की तैयारी के दौरान ईरान को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि टीम की योजना मैच से दो दिन पहले लॉस एंजिल्स पहुँचने, मैच के बाद रात वहीं रुकने और अगले दिन मेक्सिको लौटने की थी। घलेनोई ने कहा कि मुझे लगता है कि पूरे वर्ल्ड कप में हमारी टीम के साथ सबसे ज़्यादा नाइंसाफ़ी हुई है। हमारी फ़ेडरेशन यहाँ नहीं है, हमारी मीडिया यहाँ नहीं है, हमारा मैनेजमेंट यहाँ नहीं है।
वीज़ा और यात्रा से जुड़ी दिक्कतों की वजह से ईरान की तैयारियों में मुश्किलें आईं। अमेरिकी इमिग्रेशन प्रक्रियाओं को लेकर चिंताओं के कारण टीम को टक्सन, एरिज़ोना में ट्रेनिंग बेस बनाने का प्लान छोड़ना पड़ा और इसके बजाय तिजुआना में कैंप लगाना पड़ा। ये चिंताएँ तब सही साबित हुईं जब ख़बरों के मुताबिक ईरान के सपोर्ट स्टाफ़ के कई सदस्यों को अमेरिका में घुसने के लिए वीज़ा नहीं मिला।
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इस वजह से, ईरान की टीम लॉस एंजिल्स बिना ज़रूरी सपोर्ट स्टाफ़ के पहुँची, जिसमें मीडिया ऑफ़िसर, एनालिस्ट और फ़ेडरेशन के प्रेसिडेंट मेहदी ताज भी शामिल नहीं थे। तारेमी ने कहा कि लगातार यात्रा और अनिश्चितता की वजह से टीम की मैचों के लिए ठीक से तैयारी करने की क्षमता पर असर पड़ रहा था। उन्होंने बताया कि तिजुआना से लॉस एंजिल्स की यात्रा, जिसमें आम तौर पर कुछ घंटे लगते हैं, उसमें देरी के कारण लगभग पाँच घंटे लग गए; माना जा रहा है कि यह देरी इमिग्रेशन प्रक्रियाओं से जुड़ी थी।
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