डाइजेन माएदा ने जापान को बढ़त दिलाई लेकिन छह मिनट बाद एंथनी एलंगा ने बराबरी का गोल कर स्वीडन को 1-1 से ड्रॉ दिलाया जिससे दोनों ही टीमें बृहस्पतिवार को यहां विश्व कप के नॉकआउट दौर में पहुंच गईं।
एलंगा ने 62वें मिनट में बॉक्स के दाहिने कोने के ठीक बाहर से बाएं पैर से दनदनाता हुआ शॉट लगाकर इस टूर्नामेंट में अपना दूसरा गोल किया और स्वीडन को नॉकआउट में जगह दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
एलंगा ने न्यूकासल के लिए 49 मैच में केवल तीन गोल किए हैं जबकि पिछले 32 प्रीमियर लीग मैच में कोई गोल नहीं किया है।
इससे छह मिनट पहले माएदा ने पेनल्टी एरिया में रित्सु दोआन के बेहतरीन पास को बाएं पैर से रोका और आसानी से जैकब विडेल जेटरस्ट्रॉम को छकाते हुए दाहिने पैर से गोल दाग दिया।
यह टूर्नामेंट में जापान का सातवां गोल था जो किसी एक विश्व कप में देश का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। यह आठ साल पहले रूस में राउंड ऑफ 16 में पहुंचने के दौरान जापानी टीम द्वारा किए गए छह गोल से अधिक है।
जापान लगातार तीसरे विश्व कप में ग्रुप चरण से आगे बढ़ने में सफल रहा है और 2002 में सह मेजबान के तौर पर पहली बार प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के बाद से सात प्रयास में पांचवीं बार ऐसा कर रहा है। जापान की टीम ग्रुप एफ में नीदरलैंड के बाद दूसरे स्थान पर रही और सोमवार को ह्यूस्टन में ब्राजील की मजबूत टीम के खिलाफ खेलेगी।
स्वीडन की टीम ने 1994 के बाद से जब भी विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया है तो टीम नॉकआउट में पहुंची है।
टीम 1994 में सेमीफाइनल तक पहुंची थी जब अमेरिका ने फुटबॉल के इस सबसे बड़े आयोजन की मेजबानी की थी।
इंजरी टाइम में एलंगा को एक और मौका मिला लेकिन उनके दाहिने पैर से लगाए गए शॉट को गोलकीपर जायोन सुजुकी ने गोता लगाकर रोक दिया।
इसके बाद मिली कॉर्नर किक पर सुज़ुकी ने एलेक्जेंडर इसाक के हेडर से मारे शॉट को भी नाकाम करके जापान के लिए अंक सुनिश्चित किए।
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