अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों में बच्चों को घर में पढ़ाने यानी होम स्कूलिंग का चलन तेजी से बढ़ रहा है। 2024 में अमेरिका में स्कूल जाने की उम्र के करीब 32 लाख यानी 6% बच्चों ने घर में पढ़ाई की। यह संख्या 2019 के मुकाबले दोगुनी है। पहले होम स्कूलिंग मुख्य रूप से परंपरावादी ईसाइयों से जुड़ी मानी जाती थी। लेकिन अब दूसरे समुदायों में भी इसका चलन बढ़ रहा है। कई पैरेंट्स स्कूलों में भेदभाव, संवेदनहीन पाठ्यक्रम, सोशल मीडिया के दबाव और बच्चों की मानसिक सेहत को लेकर चिंतित हैं। डब्ल्यूएचओ के 44 देशों में हुए सर्वे के मुताबिक स्कूल का दबाव महसूस करने वाली 15साल की लड़कियों की संख्या 2018 से 2022 के बीच 54% से बढ़कर 63% हो गई। इंग्लैंड के एक सर्वे में घर में पढ़ने वाले छह में से एक बच्चे की पढ़ाई पर मानसिक स्वास्थ्य का असर पाया गया। हालांकि चीन, जर्मनी, ग्रीस, स्पेन औेर तुर्की में इसकी अनुमति मुश्किल से मिलती है। अमेरिका में सबसे ज्यादा 2019-24 के बीच होम स्कूलिंग के मामले में सबसे ज्यादा वृद्धि अमेरिका में हुई। यहां करीब 32 लाख बच्चों ने घर पर पढ़ाई की जो करीब 120% की वृद्धि है। ऐसे ही ब्रिटेन में एक लाख12 हजार ( 105%) और ऑस्ट्रेलिया में 63हजार ( 95%) बच्चों ने होम स्कूलिंग की।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.