बच्चा को स्कूल जाने के लिए बस लगा रखी है तो बच्चे को कुछ सेफ्टी रूल्स जरूर सिखाएं। जिससे बच्चा किसी भी तरह की अनहोनी से बचा रहे और आराम से स्कूल पहुंच जाएं। ये 5 बस सेफ्टी रूल्स हर बच्चे को जरूर सिखाने चाहिए।
बस के ब्लाइंड स्पॉट से दूर रहें
बच्चे को सिखाएं कि बस से उतर रहे या चढ़ रहे तो कुछ बस के आसपास कुछ जगहों पर भूलकर भी ना खड़े हों, ये बस के ब्लाइंड स्पॉट होते हैं जहां पर खड़े होने पर बच्चा क्या कई बार बड़े इंसान भी ड्राइवर को नजर नहीं आते। चूंकि बस की ऊंचाई ज्यादा होती है तो वो ठीक बस के नीचे यानी फ्रंट मिरर के ठीक नीचे कुछ दूरी तक नहीं दिखता। यहीं सेम हाल बस के अगल-बगल और पीछे भी होता है। बच्चे को सिखाएं कि जब भी बस से उतरना या चढ़ना हो तो बस के दरवाजे के पास खड़े हों और बस से उतरने के बाद दरवाजे की सीध में ही दूरी बनाकर खड़े हों।
चलती बस में ना चढ़ें ना उतरें
कई बार स्कूल के लिए देर होती रहती है तो बच्चे चलती बस में चढ़ने की कोशिश करते हैं, बच्चे को समझाएं की चलती बस से उतरने का चढ़ने की कोशिश ना करें।
गार्ड या ड्राइवर के सिग्नल के बिना रोड क्रॉस नहीं करना
बस से उतरते ही रोड क्रॉस करने की गलती ना करें। जब बस में मौजूद गार्ड या ड्राइवर सिग्नल दे तभी रोड क्रॉस करना चाहिए।
बैग और जूते की लैस को बांधकर रखें
स्कूल के लिए घर से निकलने से पहले ही जूते के फीतों को अच्छी तरह से बांध कर निकलें। इसी तरह से बैग के पट्टों को भी चेक कर लें। बस में चढ़ते समय या उतरते समय इनकी वजह से फंसकर गिरने का डर हो सकता है। इसलिए पहले से ही बैग के पट्टों और जूते के फीतों को बांधकर रखें।
जल्दीबाजी ना करें
बच्चों को सिखाएं कि बस में चढ़ते या उतरते समय किसी भी तरह की जल्दीबाजी ना दिखाएं। अगर गार्ड लाइन लगाकर बच्चों को बस में बैठा रहा है तो अच्छी बात है। लेकिन इस बीच धक्कामुक्की या फिर जल्दी में बस में चढ़ने या उतरने का प्रयास ना करें। इससे जल्दीबाजी में गिरने का डर होता है और चोट लग सकती है।
छोटे सेफ्टी रूल्स को फॉलो करना बच्चे को सिखाएंगे तो आपका बच्चा अनहोनी से बच सकता है। स्कूल बस से जाना है तो बच्चे की सेफ्टी स्कूल के साथ ही आपकी भी होनी चाहिए।
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