दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क का कहना है कि AI बहुत तेजी से इंसानों जैसी समझ हासिल कर रहा है। अगले साल के अंत तक यह कंप्यूटर और इंटरनेट से जुड़े कामों में इंसानों से भी आगे निकल जाएगा। मस्क ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट का जवाब देते हुए यह बात कही। डिजिटल काम चुटकियों में करेगा, लेकिन इंसानों की जगह नहीं ले पाएगा मस्क ने साफ किया कि AI की यह सुपरह्यूमन क्षमता अभी सिर्फ डिजिटल दुनिया तक ही सीमित रहेगी। फैक्ट्री में उत्पादन या घर बनाने जैसे जमीनी कामों में AI फिलहाल इंसानों की जगह नहीं ले सकता। इसलिए लोगों को ‘द मैट्रिक्स’ फिल्म जैसी रोबोट्स की दुनिया की चिंता अभी करने की जरूरत नहीं है। 10 साल पहले गूगल के लैरी पेज ने हैकिंग की चेतावनी दी थी मस्क ने 10 साल पहले गूगल के को-फाउंडर लैरी पेज के साथ हुई बातचीत का भी जिक्र किया। मस्क ने बताया कि लैरी पेज ने तब उनसे कहा था कि एक दिन AI कंप्यूटर हैकिंग के मामले में इंसानों से बहुत आगे निकल जाएगा। AI खुद ही कंप्यूटर की कमियों को ढूंढकर उन्हें हैक कर सकेगा। मस्क की यह टिप्पणी वर्सेल के CEO गुइलेर्मो रोश की उस पोस्ट के बाद आई, जिसमें उन्होंने इंटरनेट की सुरक्षा पर AI के बढ़ते खतरों के बारे में चेतावनी दी थी। रोश ने हाल ही में कहा था कि इंटरनेट के इस नए दौर में AI एजेंट्स खुद ही सिस्टम की कमियों को खोजकर उन्हें हैक कर सकते हैं। ओपन AI, एंथ्रोपिक और मेटा के AI मॉडल हो चुके हैं बेकाबू हाल के दिनों में AI सिस्टम के बेकाबू होने या खुद फैसले लेने के कई मामले सामने आए हैं। पिछले महीने ओपनAI ने खुलासा किया था कि उसके AI मॉडल्स ने एक इवैल्यूएशन टेस्ट के दौरान अमेरिकी कंपनी हगिंग फेस के सिस्टम को हैक कर लिया था। ओपनAI की सुरक्षा रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 1,200 AI एजेंट्स ने आपस में बातचीत करने के लिए एक इंटरनल सर्विस का इस्तेमाल किया और 70,000 से ज्यादा मैसेज व फाइलें शेयर कीं। इसके बाद इनमें से 700 AI एजेंट्स ने हगिंग फेस को टारगेट किया। सिर्फ ओपनAI ही नहीं, बल्कि एंथ्रोपिक और मेटा ने भी हाल ही में अपने AI मॉडल्स के बेकाबू होने की घटनाओं की जानकारी दी है।
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