टेलीविजन जगत में एकता कपूर अपने अनोखे और पारिवारिक शोज को लेकर खूब सुर्खियों में रहती हैं. उन्होंने कई ऐसे शोज दिए हैं, जिसने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई हैं. साथ ही टीआरपी चार्ट में भी शानदार पोजिशन हासिल करती हैं. इसी बीच टीवी का आइकॉनिक शो ‘कहीं किसी रोज’ एक्ट्रेस सुधा चंद्रन ने अपने किरदार को लेकर कई बातों का खुलासा किया. इसके अलावा उन्होंने एकता कपूर और उनकी कास्टिंग की भी जमकर तारीफ की.
फ्यूचरिस्टिक सोच रखती हैं एकता
‘कहीं किसी रोज’ में अपने किरदार के बारे में सुधा ने बताया कि शूटिंग शुरू होने से पहले वो अपने किरदार ‘रामोला सिकंद’ को लेकर बहुत हिचकिचा रही थी. हालांकि एकता कपूर ने उन्हें हिम्मत दी. उन्होंने कहा, ‘शूट शुरू होने के 4-5 दिन बाद मैं एकता से मिली, तब मैंने उनसे पूछा क्या कि क्या आपको नहीं लगता, ये थोड़ा ज्यादा लाउड है? तब उन्होंने मुझसे सिर्फ एक बात कही कि सुधा मैम, बस छह महीने इंतजार कीजिए, आप पूरे शहर में छा जाएंगी. वो अपने काम और किरदार को लेकर कितनी फ्यूचरिस्टिक सोच रखती थीं.’
इसके अलावा सुधा ने कहा, ‘इतने लोगों में एकता ने मुझे इस रोल के लिए चुना, तो इसका मतलब है कि वो सही किरदार चुनती हैं. जब किसी को ये समझ हो कि कौन एक्टर किस किरदार के साथ न्याय करेगा, तभी वो सही मायने में प्रोड्यूसर बनाता है. उनकी कास्टिंग आज तक कभी गलत साबित नहीं हुई.’
एकता कपूर के पास है कॉन्फिडेंस
सुधा ने टीवी के आइकॉनिक शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ और ‘नागिन’ को लेकर बताया कि लोगों को शक था कि 25 साल बाद ‘तुलसी और मिहिर’ की कहानी दर्शकों को पसंद नहीं आएगी. लेकिन अब ये शो दर्शकों का नंबर 1 शो हैं. एकता कपूर का यही कॉन्फिडेंस उन्हें अलग बनाता हैं. साथ ही उन्होंने नागिन जैसे कॉन्सेप्ट से खुद को साबित किया. आज ये फ्रेंचाइजी टीवी के सबसे पॉपुलर शोज में से एक हैं.
एकता का करियर
बता दें कि एकता कपूर ने 1995 में अपने करियर की शुरूआत ‘हम पांच’ से शुरू की थी, जो उनकी पहली बड़ी सफलता थी. इसके बाद 2000 में आई ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ ने उन्हें घर-घर मशहूर किया और उन्हें ‘टीवी क्वीन’ बना दिया. फैमिली ड्रामा से सुपरनैचुरल थ्रिलर तक, उन्होंने खुद को एक शानदार प्रोड्यूसर्स में शामिल किया है.
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