काफी सारे लोगों का मानना है कि बच्चियों को अगर हर रोज अंडा खिलाया जाए तो इससे उन्हें जल्दी पीरियड्स आ जाते हैं। बच्चियों में हो रही अर्ली प्यूबर्टी से जुड़ी ये बात सच है या मिथ, इस बारे में डॉक्टर ने बताई सच्चाई।
अंडों की वजह से नहीं आते जल्दी पीरियड्स
अंडे प्रोटीन और मिनरल्स का अच्छा स्त्रोत होते हैं और इसमे पूरे 9 अमीनो एडिस पाए जाते हैं। अंडों में किसी तरह के हार्मोंस नहीं होते जो बच्चियों में प्यूबर्टी को किसी भी तरह से ट्रिगर करे। जब अंडा खाया जाता है तो बॉडी में प्रोटीन और फैट ब्रेकडाउन होते हैं। ये कोई हार्मोन ट्रांसफर नहीं करते है जिससे प्यूबर्टी जल्दी शुरू हो जाए और बच्चियों को जल्दी पीरियड्स स्टार्ट हों।
हां हार्मोंस प्रोटीन ही होते हैं और जब आप प्रोटीन खाते हैं तो डाइजेस्टिव एंजाइम्स उसे ब्रेकडाउन कर देते हैं और ये प्रोटीन ब्लड में नहीं जाते।
वहीं प्यूबर्टी पूरी तरह से जेनेटिक्स होती है और ये बच्ची के न्यूट्रिशन, मोटापे, ओवरऑल फिजिकल एक्टीविटी से रेगुलेट होती है। किसी भी रिसर्च में इस बात का प्रमाण नहीं है कि अंडा खाने से अर्ली प्यूबर्टी बच्चियों में होती है।
तो आखिर क्यों बच्चियों को आ रहे जल्दी पीरियड्स
बच्चियों में पीरियड्स जल्दी आने के कई कारण है। जिसमे उनकी लाइफस्टाइल, खान-पान और हार्मोंस डिस्बैलेंस जिम्मेदार हैं। कई बार बच्चियों में जल्दी पीरियड्स का कारण जेनेटिक होता है।
मोटापा
शरीर में खानपान की वजह से बढ़ता फैट एस्ट्रोजन हार्मोंस का प्रोडक्शन जल्दी शुरू कर देता है। जिससे बॉडी में रिप्रोडक्टिव ऑर्गंस भी तेजी से डेवलप होते हैं और पीरियड्स बच्चियों में जल्दी आने लगते हैं।
प्रोसेस्ड, जंक फूड्स
चॉकलेट, चिप्स, शुगरी ड्रिंक, प्रोसेस्ड फूड्स शरीर में फैट को बढ़ाते हैं। नतीजा मोटापा आता है और मोटापा से इंसुलिन और हार्मोंस में असंतुलन होता है। नतीजा बच्चियों में प्यूबर्टी जल्दी शुरू हो जाती है।
लाइफस्टाइल है जिम्मेदार
फिजिकल एक्टीविटी कम होना, स्क्रीन टाइम का ज्यादा होना और साथ ही स्ट्रेस बच्चियों की नींद को डिस्टर्ब करता है और खराब नींद हार्मोंस को असंतुलित करती है। जिससे बच्चियों में जल्दी पीरियड्स आने का डर रहता है।
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