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- Dengue Vaccine Details; QDENGA Impact, Benefits And Available Countries | DCGI
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बारिश आते ही डेंगू का डर भी दस्तक देने लगता है। हर साल लाखों लोग इस मच्छरजनित बीमारी की चपेट में आते हैं और कई मरीजों की जान भी चली जाती है।
ऐसे में भारत को पहली बार डेंगू से बचाव के लिए वैक्सीन मिली है। ‘QDENGA’ (TAK-003) नाम की इस वैक्सीन को DCGI (ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया) ने मंजूरी दी है। यह वैक्सीन डेंगू वायरस के चारों प्रकारों के खिलाफ शरीर की प्रतिरक्षा विकसित करने के लिए बनाई गई है।
डेंगू दुनिया की सबसे तेजी से फैलने वाली मच्छरजनित बीमारी है। ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ (WHO) के मुताबिक, साल 2024 में दुनियाभर में डेंगू के 1.46 करोड़ से ज्यादा मामले सामने आए। यह अब तक एक साल में दर्ज सबसे ज्यादा केसेस हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, साल 2025 में देशभर में डेंगू के 1.21 लाख से ज्यादा केस दर्ज किए गए। इसमें 131 लोगों की मौत हुई। ऐसे में यह वैक्सीन आने के बाद डेंगू से बचाव में मदद मिलेगी।
इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में ‘QDENGA’ वैक्सीन पर विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- दुनिया के किन-देशों में यह वैक्सीन पहले से इस्तेमाल हो रही है?
- ‘QDENGA’ वैक्सीन कितनी प्रभावी है?
एक्सपर्ट- डॉ. संचयन रॉय, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली
सवाल- भारत में मंजूर हुई डेंगू वैक्सीन ‘QDENGA’ क्या है?
जवाब- यह डेंगू से बचाने वाली टेट्रावेलेंट वैक्सीन है। यह शरीर में डेंगू वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी विकसित करती है और डेंगू के चारों प्रकार (DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4) से बचाती है। साथ ही यह गंभीर डेंगू का रिस्क भी कम करती है।
सवाल- इसे किस कंपनी ने बनाया है?
जवाब- जापान की दवा कंपनी ‘ताकेडा फार्मास्युटिकल्स’ ने QDENGA वैक्सीन बनाई है। कंपनी ने कई सालों की रिसर्च और क्लिनिकल ट्रायल के बाद इसे तैयार किया है।
सवाल- इसे भारत में किसने मंजूरी दी है?
जवाब- भारत में QDENGA वैक्सीन को ‘ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया’ (DCGI) ने मंजूरी दी है। DCGI नई दवाओं, वैक्सीन की सुरक्षा और असर की जांच करने के बाद उनके इस्तेमाल की अनुमति देता है।
सवाल- दुनिया के किन देशों में यह वैक्सीन पहले से इस्तेमाल हो रही है?
जवाब- भारत से पहले QDENGA को दुनिया के 42 देशों में मंजूरी मिल चुकी है। इनमें यूरोपीय संघ (EU) के सदस्य देश, यूनाइटेड किंगडम (UK), स्विट्जरलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड शामिल हैं। किन देशों में यह वैक्सीन इस्तेमाल की जा रही है, प्रमुख देशों की लिस्ट ग्राफिक में देखिए-

सवाल- इस वैक्सीन का ट्रायल कितने लोगों पर हुआ?
जवाब- डिटेल पॉइंटर्स में देखिए-
- ‘ताकेडा बायोफार्मास्यूटिकल्स इंडिया’ की प्रेस रिलीज के मुताबिक, QDENGA वैक्सीन पर दुनियाभर में फेज-1, फेज-2 और फेज-3 के कुल 19 क्लिनिकल ट्रायल किए गए हैं।
- इनमें करीब 28,000 लोगों को शामिल किया गया।
- भारत में मार्च 2024 से मई 2025 के बीच फेज-3 ट्रायल हुआ, जिसमें 480 प्रतिभागियों को शामिल किया गया।
- इस ट्रायल का उद्देश्य भारतीय आबादी में वैक्सीन की सुरक्षा, असर और इससे बनने वाले इम्यून रिस्पॉन्स का आकलन करना था।
सवाल- किन-किन देशों में इसका ट्रायल हुआ? ट्रायल कितने साल तक चला?
जवाब- एशिया और लैटिन अमेरिका के डेंगू-प्रभावित देशों में इसका क्लिनिकल ट्रायल हुआ। इनमें ये देश शामिल हैं-
- भारत
- ब्राजील
- कोलंबिया
- डोमिनिकन रिपब्लिक
- निकारागुआ
- पनामा
- फिलीपींस
- श्रीलंका
- थाईलैंड
डेंगू वैक्सीन पर दुनिया भर में पिछले दो से तीन दशकों से रिसर्च चल रही है। इसी दौरान फेज-1, फेज-2 और फेज-3 के कई क्लिनिकल ट्रायल किए गए, जिनके आधार पर इस वैक्सीन को विकसित किया गया है।
सवाल- WHO और दूसरे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों का इस वैक्सीन पर क्या कहना है?
जवाब- डिटेल पॉइंटर्स में देखिए-
- WHO ने उन देशों और इलाकों में QDENGA के इस्तेमाल का समर्थन किया है, जहां डेंगू के मामले ज्यादा आते हैं।
- WHO के मुताबिक, ऐसे क्षेत्रों में वैक्सिनेशन से पहले हर व्यक्ति की डेंगू जांच (प्री-वैक्सिनेशन स्क्रीनिंग) जरूरी नहीं है।
- QDENGA को WHO की प्री-क्वालिफिकेशन भी मिल चुकी है। यह प्रमाण बताता है कि वैक्सीन गुणवत्ता, सुरक्षा और असर के तय अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरी है।
- WHO की प्री-क्वालिफिकेशन मिलने के बाद UNICEF और PAHO (पैन अमेरिकन हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन) जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भी इस वैक्सीन को खरीद सकती हैं।
सवाल- QDENGA (TAK-003) कैसे काम करती है?
जवाब- किसी भी वैक्सीन का काम शरीर को बीमारी से लड़ने के लिए तैयार करना होता है। QDENGA भी इसी तरह काम करती है। पॉइंटर्स से समझिए-
- QDENGA में डेंगू वायरस का कमजोर (लाइव एटिन्यूएटेड) रूप इस्तेमाल किया गया है।
- यह वायरस बीमारी नहीं फैलाता, लेकिन शरीर के इम्यून सिस्टम को एक्टिव कर देता है।
- वैक्सीन लगने के बाद शरीर एंटीबॉडी और इम्यून मेमोरी विकसित करता है।
- बाद में अगर डेंगू वायरस शरीर में प्रवेश करता है, तो इम्यून सिस्टम उसे जल्दी पहचानकर उससे लड़ने की कोशिश करता है। इससे संक्रमण का असर कम करने में मदद मिलती है।
सवाल- ये वैक्सीन कौन लगवा सकता है?
जवाब- भारत में QDENGA वैक्सीन को 4 से 60 साल की उम्र के लोगों के लिए मंजूरी मिली है। यह वैक्सीन जिन्हें पहले डेंगू हो चुका है या कभी नहीं हुआ, दोनों लगवा सकते हैं।
सवाल- यह वैक्सीन शरीर में किस तरह इम्यूनिटी बनाती है?
जवाब- QDENGA लगने के बाद शरीर में कई बायोलॉजिकल प्रोसेस शुरू होती हैं, जो डेंगू वायरस के खिलाफ सुरक्षा विकसित करने में मदद करती हैं।
- वैक्सीन लगने के बाद शरीर डेंगू वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी बनाना शुरू करता है।
- इम्यून मेमोरी सेल्स भी तैयार होती हैं, जो लंबे समय तक वायरस को पहचानने में मदद करती हैं।
- जब डेंगू वायरस शरीर में प्रवेश करता है, तो ये एंटीबॉडी और मेमोरी सेल्स एक्टिव होकर वायरस से लड़ने में मदद करती हैं।
सवाल- क्या यह वैक्सीन 100% सुरक्षा देती है?
जवाब- नहीं, QDENGA वैक्सीन 100% सुरक्षा की गारंटी नहीं देती। ट्रायल के दौरान QDENGA की दो डोज ने 18 महीने बाद डेंगू के कारण अस्पताल में भर्ती होने का रिस्क 90% तक कम किया। 4.5 साल बाद भी यह रिस्क 84% तक कम रहा। इसलिए वैक्सीन लगवाने के बाद भी मच्छरों से बचाव के उपाय करना जरूरी है।

सवाल- वैक्सीन से कितने साल तक सुरक्षा मिलती है?
जवाब- क्लिनिकल ट्रायल के आंकड़ों के मुताबिक, वैक्सीन का प्रभाव कम-से-कम 4.5 साल तक देखा गया है। इस दौरान वैक्सीन लेने वाले लोगों काे लगातार ट्रैक किया गया।
सवाल- अगर पहले डेंगू हो चुका हो, क्या तब भी ये वैक्सीन लग सकती है?
जवाब- हां, पहले डेंगू हो चुका हो या कभी डेंगू न हुआ हो, दोनों ही स्थितियों में यह वैक्सीन लगवाई जा सकती है।
सवाल- किन लोगों को यह वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए?
जवाब- QDENGA कुछ लोगों के लिए उपयुक्त नहीं है। ऐसे लोग वैक्सीन लगवाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- इस वैक्सीन की कुल कितनी डोज लगेंगी?
जवाब- QDENGA का कंप्लीट वैक्सिनेशन दो डोज में पूरा होगा। दोनों डोज के बीच करीब 3 महीने का अंतर रखा जाएगा।
सवाल- क्या भविष्य में बूस्टर डोज की जरूरत पड़ेगी?
जवाब- फिलहाल QDENGA के लिए बूस्टर डोज की सिफारिश नहीं की गई है।
सवाल- क्या इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी हैं?
जवाब- हां, अन्य वैक्सीन की तरह इसके भी कुछ हल्के और अस्थायी साइड इफेक्ट हो सकते हैं। ये आमतौर पर 1–3 दिन में अपने आप ठीक हो जाते हैं। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- वैक्सीन लगवाने के बाद किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?
जवाब- वैक्सिनेशन के बाद अगर गंभीर लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है। सभी गंभीर लक्षण ग्राफिक में देखिए-

सवाल- अगर हाल ही में कोई दूसरी वैक्सीन लगी हो तो कितना अंतर रखना चाहिए?
जवाब- यह इस बात पर निर्भर करता है कि दूसरी वैक्सीन कौन-सी है। सभी वैक्सीन के लिए एक जैसा अंतराल तय नहीं है। इसलिए QDENGA लगवाने से पहले डॉक्टर को अपनी वैक्सिनेशन हिस्ट्री जरूर बताएं।
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