नयी दिल्ली,26 जुलाई नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने के केंद्र के आश्वासन के बाद आगे की कार्यवाही के लिए सक्षम प्राधिकार से आधिकारिक दिशा-निर्देश और सूचना की प्रतिक्षा है। दिल्ली पुलिस सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक, 20 जुलाई को हुई हिंसा और जारी विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी अन्य घटनाओं के सिलसिले में नयी दिल्ली जिले के अलग-अलग थानों में अब तक 15 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रवक्ता सौरव दास और अभिषेक रांका के साथ शनिवार को एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा था कि सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस लेने पर सहमत हो गई है और मंगलवार तक सहमत मांगों पर लिखित आश्वासन देगी। सूत्र ने कहा, ‘‘हम सक्षम प्राधिकारी से दिशा-निर्देश और आधिकारिक सूचना मिलने के बाद उसके अनुसार कार्रवाई करेंगे।’’
उन्होंने हालांकि कहा कि प्राथमिकी वापस लेने की घोषणा का असर झड़पों के पीछे की कथित बड़ी साजिश की जांच पर नहीं पड़ेगा। पुलिस घटनाओं के क्रम को समझने और हिंसा की योजना बनाने, उकसाने या उसमें शामिल होने के संदिग्धों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल सबूत, मोबाइल फोन रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों की जांच कर रही है।
पुलिस ने अपनी चेहरा पहचान प्रणाली (एफआरएस) का इस्तेमाल करके आपराधिक पृष्ठभूमि और बुरे चरित्र वाले 2,500 से अधिक लोगों की पहचान भी की है। उन्होंने बताया कि 20 जुलाई को हुई झड़पों में 200 से अधिक पुलिसकर्मी और 70 प्रदर्शनकारी घायल हो गए, जबकि कई सरकारी गाड़ियों और अन्य सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा। सूत्रों ने बताया कि प्राथमिकी वापस लेने के प्रस्ताव के बावजूद साजिश की जांच जारी रहेगी और जांच के दौरान इकट्ठा किए गए सभी सबूतों की पड़ताल मौजूदा जांच के हिस्से के तौर पर की जाएगी।
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